Mooi nieuws voor iedereen die van boeken over taal houdt: Superbrabants van Kristel Doreleijers heeft de Taalboekenprijs 2026 gewonnen. Daarmee is het uitgeroepen tot het beste publieksboek over (Nederlandse) taal van het jaar.
De winnaar werd zaterdagochtend bekendgemaakt in het radioprogramma De Taalstaat. De jury, bestaande uit Ton den Boon, Peter Debrabandere, Mathilde Jansen, Vibeke Roeper en Geertje Slangen, noemt het boek "geweldig leesbaar" en "geweldig leuk om te lezen".
Wat mij het meest aanspreekt in het juryoordeel: het is ook een boek waarin oude en nieuwe perspectieven op dialect met elkaar in dialoog gaan. Dialect wordt vaak gezien als iets van vroeger, dus een populair boek dat laat zien hoe die oude en nieuwe blik op streektaal naast elkaar bestaan, klinkt precies als het soort taalboek dat ik graag lees.
Doreleijers krijgt 3000 euro en een oorkonde.
De bekendmaking is hier terug te luisteren:
https://www.nporadio1.nl/fragmenten/de-taalstaat/01a12531-1368-7077-9…
Bron: Tzum
एक उपन्यास लिखना, यह बहुत से लोगों का सपना होता है, लेकिन एक विचार को एक सुसंगत और जीवंत कहानी में बदलना एक बड़ी चुनौती है। मैंने लंबे समय तक अपनी डायरियों के आसपास घूमते रहा, लेकिन लिखने की हिम्मत नहीं हुई, जब तक कि मुझे यह समझ में नहीं आया कि इसके लिए रचनात्मकता के साथ-साथ एक व्यवस्थित दृष्टिकोण की भी आवश्यकता होती है। सब कुछ एक विचार से शुरू होता है जो आपको परेशान करता है - वह विचार जिसे आप भूल नहीं पाते, वह शायद सही विचार होता है।
इसके बाद, एक मजबूत कथानक की आवश्यकता होती है। "तीन अंकों" की विधि ने मेरी बहुत मदद की: शुरुआत, टकराव जहां बाधाएं बढ़ती हैं, और फिर समाधान। हर दृश्य का एक कारण होना चाहिए। लेकिन पाठक मुख्य रूप से आपके पात्रों को याद रखते हैं, इसलिए उन्हें इच्छाएं, डर और विकास दें। एक अच्छा पात्र परिपूर्ण नहीं होता, वह मानवीय होता है।
मैंने अपनी गति भी खोजना सीखा: एक यथार्थवादी लक्ष्य, प्रतिदिन कुछ सौ शब्द, और एक नियमित दिनचर्या। महत्वपूर्ण यह नहीं है कि आप कितनी तेजी से लिखें, बल्कि यह है कि आप कितनी बार लिखें। एक बार जब पहला मसौदा पूरा हो जाता है, तो उसे कुछ समय के लिए अलग रख दें, फिर उसे फिर से लिखें, और फिर उसे कुछ ऐसे पाठकों को पढ़ने के लिए दें जो दयालु हों लेकिन ईमानदार भी।
आज, प्रकाशन पहले से कहीं अधिक आसान है: पारंपरिक प्रकाशन या स्वयं प्रकाशन, कागज, ई-बुक या ऑडियोबुक। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि शुरुआत करें। प्रेरणा लिखने से मिलती है, प्रतीक्षा करने से नहीं।
स्रोत: एक उपन्यास कैसे लिखें।
दुनिया का सबसे बड़ा पुस्तक मेला माने जाने वाला फ्रैंकफर्ट बुक फेयर बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को जर्मनी में आधिकारिक रूप से शुरू हुआ। ANTARA की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस आयोजन में 100 से अधिक देशों और क्षेत्रों के 4,000 से ज़्यादा प्रकाशक शामिल हो रहे हैं। यह मेला रविवार, 11 अक्टूबर तक मेसे फ्रैंकफर्ट में चलेगा और इसमें 2,30,000 से अधिक लोगों के आने की उम्मीद है। यह मेला पहली बार 1949 में लगा था।
आयोजकों के अनुसार, इस साल के कार्यक्रम में कई विषयों पर ध्यान केंद्रित है: अंतरराष्ट्रीय संकट और संघर्ष, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग और उसका नियमन, कॉपीराइट व्यापार, बाल और किशोर साहित्य, तथा ऑडियोबुक। प्रकाशक, लेखक और मीडिया विचारों का आदान-प्रदान कर सकें और पाठक लेखकों से सीधे मिल सकें, इसके लिए सेमिनार, फ़ोरम, प्रस्तुतियाँ, पुस्तक-हस्ताक्षर और पाठ सत्र रखे गए हैं।
रिपोर्ट में चीन के साथ साझा 336 वर्ग मीटर के मंडप पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिसमें 3,000 से अधिक शीर्षक और 4,600 से अधिक चुनी हुई पुस्तकें प्रदर्शित की जा रही हैं। यह मंडप पुस्तक प्रदर्शनी, कॉपीराइट वार्ता, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और इंटरैक्टिव अनुभवों को एक साथ लाता है। चीन के प्रकाशन और सांस्कृतिक संस्थान मेले के दौरान 55 कार्यक्रम करेंगे, जिनमें विषयगत सेमिनार और लेखकों के साथ संवाद से लेकर कॉपीराइट सहयोग समझौतों पर हस्ताक्षर और नई पुस्तकों के लोकार्पण तक शामिल हैं।
लेखन की दुनिया पर नज़र रखने वाले एक पाठक के रूप में मुझे दो बातों में दिलचस्पी है। पहली, ऐसे मेले में जहाँ मुख्य कारोबार कॉपीराइट की खरीद-बिक्री है, प्रकाशक और लेखक एआई पर कैसे चर्चा करेंगे। दूसरी, बाल साहित्य और ऑडियोबुक पर ज़ोर, जो दिखाता है कि लोग कहानियों का आनंद किस तरह लेते हैं, यह तरीका लगातार बदल रहा है। मुझे उम्मीद है कि इंडोनेशिया भी ऐसे आयोजनों में अपने लेखकों को प्रस्तुत करने में अधिक सक्रिय होगा।
स्रोत: ANTARA News
Observador की एक खबर ने फ़्रांसीसी साहित्य जगत को हिला दिया है, और इस पर नज़र रखना ज़रूरी है। सितंबर के एक शुक्रवार को अकादमी गोनकोर ने घोषणा की कि हैती-कनाडाई लेखक तेलसॉन ओरेलियन के उपन्यास को फ़्रांस के सबसे महत्वपूर्ण साहित्यिक पुरस्कार के उम्मीदवारों की सूची से हटा दिया जाएगा। अकादमी ने कहा कि वह पुरस्कार की विश्वसनीयता की रक्षा कर रही है, और वह कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से पाठ लिखने का विरोध करती है। वह 6 अक्टूबर को, जब फ़ाइनलिस्ट घोषित होंगे, तभी दोबारा टिप्पणी करेगी।
किताब का नाम “C'était ça ou mourir” है, जो मार्च में क्यूबेक के Éditions du Boréal से और अगस्त में फ़्रांस के Éditions Grasset से प्रकाशित हुई। शक 21 सितंबर को सामने आया, उसी दिन ओरेलियन को सर्वश्रेष्ठ उपन्यास के लिए Prix Fnac मिला था। “Balance ton Claude” नाम के एक गुमनाम X खाते ने दावा किया कि पाठ लगभग पूरी तरह एआई से तैयार हुआ है, और कई अंश Pangram डिटेक्टर पर “100% AI” आए हैं। Observador स्पष्ट करता है कि यह खाता वास्तव में एक समूह है, जिसमें निबंधकार और Le Figaro के स्तंभकार सैमुएल फ़िटूसी भी शामिल हैं।
Vivendi समूह की Grasset ने इन आरोपों को फ़र्ज़ी ख़बर बताया और कहा कि एआई डिटेक्टर खुद ग़लती कर सकते हैं। लेखक ने आरोपों से साफ़ इनकार किया है: उनका कहना है कि बताए गए दोहराव हैती और कैरिबियाई साहित्यिक परंपरा और उनकी अपनी काव्य-शैली को दर्शाते हैं, वे हमेशा से लिखना पसंद करते रहे हैं, और लेखकत्व साबित करने के लिए वे अपने संपादकों के साथ एक दस्तावेज़ तैयार कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि फ़्रांस आने के बाद से उन पर नस्लवादी हमले हुए हैं।
गोनकोर पुरस्कार 1903 से “Les Dix” द्वारा दिया जाता है, दस लेखक जो हर साल फ़्रेंच भाषा का सर्वश्रेष्ठ उपन्यास चुनते हैं। नकद राशि प्रतीकात्मक है, पर यह बिक्री और अनुवादों को कई गुना बढ़ा सकती है।
कौन सही है, यह मैं नहीं जान सकता, और पहचान के उपकरण सचमुच विवादास्पद हैं। लेकिन यह मामला दिखाता है कि “यह किसने लिखा?” का सवाल साहित्यिक पुरस्कारों में कितना भारी पड़ने लगा है।
स्रोत: Observador
स्वीडिश अकादमी ने घोषणा की है कि 2026 का साहित्य का नोबेल पुरस्कार 76 वर्षीय कनाडाई कवयित्री एन कार्सन को दिया जाएगा। VnExpress के अनुसार, पुरस्कार की राशि 12 करोड़ क्रोना (लगभग 12 लाख अमेरिकी डॉलर) है। 125 वर्षों में यह पुरस्कार पाने वाली वह 19वीं महिला हैं, और ऐलिस मुनरो के बाद दूसरी कनाडाई महिला लेखिका।
अकादमी ने उनके काम को साहसी और रचनात्मक बताया है, जो शास्त्रीय परंपरा के साथ एक चंचल संवाद करता है और समकालीन साहित्य के लिए नए रूप गढ़ता है। नोबेल समिति के अध्यक्ष आंडेर्स ओल्सन ने कहा कि उनका काम भाषाविद् के शब्दों के प्रति प्रेम और कवि की नया अर्थ खोजने की चाह के संगम पर है।
उनका जन्म 1950 में टोरंटो में हुआ, वह हाई स्कूल के दिनों से प्राचीन यूनानी भाषा पढ़ रही हैं और उनके पास शास्त्रीय साहित्य में पीएचडी है। उल्लिखित कृतियों में Eros the Bittersweet (1986), काव्यात्मक उपन्यास Autobiography of Red (1998), जो यूनानी मिथक के राक्षस गेरियन को फिर से रचता है, सैफ़ो के अंशों का अनुवाद If Not, Winter (2002), भाई की स्मृति में लिखी Nox (2010), और 22 छोटे खंडों से बनी Float (2016) शामिल हैं, जिन्हें किसी भी क्रम में पढ़ा जा सकता है।
VnExpress के एक अन्य लेख, "ऊब के विरुद्ध लिखना", में उन्हें ऐसी लेखिका बताया गया है जो पारंपरिक साहित्यिक रूपों को तोड़ती हैं, शास्त्रीय को आधुनिक से, तर्क को भावना से और अकादमिक को सुलभ से जोड़ती हैं। वह होमर, सैफ़ो, यूरिपिडीज़, वर्जीनिया वुल्फ़ और मार्सेल प्रूस्त से प्रेरणा लेती हैं, पर पुरानी कहानियों को परिचित पाठों को उलटकर नए ढंग से सुनाती हैं।
मैंने उनका ज़्यादा काम नहीं पढ़ा है, इसलिए मुझे सबसे ज़्यादा Float ने आकर्षित किया है, वह पुस्तक जो पाठक को पढ़ने का क्रम खुद चुनने देती है। अगर आप कार्सन से शुरुआत करना चाहते हैं, तो यह एक दिलचस्प प्रवेश-द्वार लगता है।
स्रोत: VnExpress
पुस्तक के इतिहास में रुचि रखने वालों के लिए अच्छी खबर है: प्रोफ़ेसर डॉ. इस्माइल एरुन्साल के निजी संग्रह की 525 कृतियाँ अब डिजिटल रूप में देखी जा सकती हैं। TRT Haber के अनुसार, संस्कृति और पर्यटन मंत्री मेहमेत नूरी एर्सोय ने इसकी घोषणा की।
एरुन्साल ने 6 अगस्त को यह संग्रह सुलेमानिये पांडुलिपि पुस्तकालय को दान किया। एर्सोय उन्हें ओटोमन पुस्तक और पुस्तकालय इतिहास के अध्ययन में जाना-माना नाम बताते हैं और कहते हैं कि इस दान ने सदियों पुरानी वैज्ञानिक और साहित्यिक विरासत को एक ऐसे खज़ाने में बदल दिया है जिससे सभी लाभ उठा सकते हैं। एरुन्साल, जिन्होंने वर्षों तक अपने साधनों से यह संग्रह बनाया, इन कृतियों को जनहित को सौंपी गई राष्ट्रीय धरोहर मानते हैं, और कहते हैं कि उन्होंने इन्हें इसलिए दान किया ताकि ये बेहतर सुरक्षित रहें और शोधकर्ताओं की पहुँच में आसान हों।
सबसे उल्लेखनीय है गति: लगभग दो महीनों में संरक्षण, पुनर्स्थापन, डिजिटलीकरण और सूचीकरण पूरे हो गए और संग्रह शोधकर्ताओं के लिए खोल दिया गया। इसे www.yek.gov.tr पर देखा जा सकता है।
रिपोर्ट में संग्रह की कुछ सामग्री के उदाहरण भी दिए गए हैं। साहित्य में शेख़ ग़ालिब का एक दीवान है, जिसे उन्होंने 18-19 वर्ष की आयु में अपने हाथ से लिखा था; यह संग्रह की 15 लेखकीय पांडुलिपियों में से एक है। सबसे पुरानी तिथि वाली प्रति 1523 की ‘दीवान-ए अमीर शाही’ है। बायज़ीद द्वितीय के दौर के कवि जेज़ेरी क़ासिम पाशा का अब तक अज्ञात दीवान, तथा केश्फ़ी और उर्फ़ाली मुस्तफ़ा हत्ती के दुर्लभ पाठ भी इसमें हैं। अर्थशास्त्र और कूटनीति के क्षेत्र में 288 पृष्ठों का नर्ख़ दफ़्तरी (मूल्य-सूची) है, जो ओटोमन मूल्य-इतिहास का महत्वपूर्ण स्रोत है, और सैफ़ुल्लाह आग़ा का सफ़ारतनामा है। ‘मिरातुल-इश्क़’ को 16वीं सदी के मलामती इतिहास का महत्वपूर्ण स्रोत बताया गया है।
ऐसी खबरें मुझे अच्छी लगती हैं: जो दुर्लभ पांडुलिपियाँ वर्षों तक किसी एक व्यक्ति की अलमारी में पड़ी रहीं, अब एक क्लिक में सबकी स्क्रीन पर पहुँच रही हैं।
स्रोत: TRT Haber
अगर आप किताब प्रकाशित करने का सपना देखते हैं, तो पिछले शुक्रवार की SVT की खबर ज़रूर पढ़ें। स्वीडन के लेखक संघ (Sveriges Författarförbund) ने लेखकों को हाइब्रिड प्रकाशक Lava förlag की मूल कंपनी Bookea Group के साथ अनुबंध न करने की फिर से चेतावनी दी है। यह चेतावनी सदस्यों को भेजी गई है।
कारण यह है कि Bookea इस गर्मी से कंपनी पुनर्गठन (företagsrekonstruktion) की प्रक्रिया में है, और संघ के अनुसार इससे लेखकों और अनुवादकों का वित्तीय जोखिम बढ़ता है। संघ हाइब्रिड मॉडल को भी लेखकों और प्रकाशकों के बीच एक समस्याग्रस्त बिचौलिया मानता है। हाइब्रिड मॉडल में लेखक प्रकाशन की लागत में हिस्सा देता है। संघ का मानना है कि ऐसे में लेखक वित्तीय जोखिम का बड़ा हिस्सा उठाता है, अपने अधिकारों से बँध सकता है, और उसकी कृति पर नियंत्रण सीमित रहता है।
SVT कुछ आँकड़े देता है। Lava खुद को नॉर्डिक देशों का सबसे बड़ा पुस्तक प्रकाशक बताता है। उसने 2023 में 486 शीर्षक प्रकाशित किए और 1.23 करोड़ क्रोना का मुनाफ़ा कमाया। अगले साल उसे 92 लाख क्रोना का घाटा हुआ। स्टॉकहोम ज़िला न्यायालय में अपने आवेदन में Bookea ने लिखा कि वह वेतन और आपूर्तिकर्ताओं के कर्ज़ नहीं चुका सकती। 2024 की शरद ऋतु में संघ ने अनुचित अनुबंधों और अनुचित गोपनीयता खंडों के बारे में पहले ही चेतावनी दी थी, लेकिन Lava के साथ बातचीत के बाद उसने वह चेतावनी वापस ले ली थी।
संस्थापक पेटर नॉरमान की जगह 2025 में आईं अन्ना बर्गियस ने अगस्त में मुख्य कार्यकारी पद छोड़ दिया। कार्यवाहक मुख्य कार्यकारी ऐन-शार्लट बॉडिन SVT से कहती हैं कि कंपनी को कुछ क्षेत्रों में सुधार करना होगा और काम जारी है। वह हाइब्रिड मॉडल का बचाव करती हैं, उनके अनुसार ऐसे उद्योग में, जहाँ प्रवेश मुश्किल है, यह मॉडल एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
मुझे यह एक उपयोगी याद दिलाना लगता है: प्रकाशन के लिए पैसे देने से पहले अनुबंध ध्यान से पढ़िए, विकल्पों की तुलना कीजिए, और बेहतर होगा कि लेखक संघ से सलाह ले लें।
स्रोत: SVT Nyheter
«ताइवान यात्रा-वृत्तांत» ने मई में अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार जीता था, लेकिन हाल ही में खबरें आईं कि इसके अंग्रेज़ी अनुवाद का उल्लंघन हुआ है। Central News Agency की रिपोर्ट के अनुसार, अंग्रेज़ी अनुवादक जिन लिंग ने 6 अक्टूबर को एक बयान जारी करके कहा कि एक यूरोपीय प्रकाशक ने अंग्रेज़ी संस्करण पर उनके अधिकारों का उल्लंघन किया है और उन्होंने कानूनी कार्रवाई शुरू की है।
पुस्तक के अंतरराष्ट्रीय अधिकार संभालने वाली एजेंसी Kwang Lei International Rights Agency ने भी 7 अक्टूबर की शाम एक बयान जारी किया। Kwang Lei ने बताया कि वह Spring Hill Publishing के अधिकारों का प्रतिनिधित्व करती है और विदेशी प्रकाशकों को पुस्तक का अनुवाद और अपनी भाषा में प्रकाशन करने की अनुमति देने में सहायता करती है। इस वर्ष जून में उस यूरोपीय प्रकाशक ने समीक्षा के लिए आवरण भेजा था, और तभी Kwang Lei ने पुष्टि की थी कि प्रकाशक जिन लिंग के अंग्रेज़ी अनुवाद का बिना अनुमति उपयोग कर रहा है। Kwang Lei ने तुरंत प्रकाशन रोकने को कहा और स्पष्ट किया कि बिना अनुमति इसे प्रकाशित नहीं किया जा सकता, लेकिन कई दौर की बातचीत के बाद प्रकाशक ने बिना अनुमति प्रकाशित करने का निर्णय लिया।
Kwang Lei ने ज़ोर देकर कहा कि उसने कभी भी जिन लिंग के अंग्रेज़ी अनुवाद का प्रतिनिधित्व नहीं किया, और मूल लाइसेंस अनुबंध में अंग्रेज़ी संस्करण से संबंधित अधिकार शामिल नहीं थे। उसे इस बात का खेद है कि तब उसने और गहराई से यह जाँच नहीं की थी कि प्रकाशक ने अंग्रेज़ी अनुवाद के अधिकार प्राप्त किए हैं या नहीं, और वह अपनी प्रक्रिया की समीक्षा करेगी, अनुवादों के स्रोत और अनुमति की अधिक सख्ती से जाँच करेगी, तथा अनुबंध और लाइसेंस प्रक्रियाओं को कड़ा करेगी। अब उसने प्रकाशक से प्रकाशन रोकने को कहा है, Spring Hill Publishing के अनुबंध समाप्त करने के रुख का समर्थन करती है, और मामला वकीलों को सौंप दिया है। चूँकि मामला अदालती प्रक्रिया में है, उसका कहना है कि वह अभी और विवरण नहीं दे सकती, और रिपोर्ट में प्रकाशक का नाम नहीं लिया गया है।
इससे मुझे यह बात याद आती है कि जब कोई किताब पुरस्कार जीतकर दुनिया में पहुँचती है, तब अनुवाद, लाइसेंस और अधिकारों की हर कड़ी की सावधानी से जाँच होनी चाहिए। अनुवादक की मेहनत भी साफ़ दिखनी चाहिए, और मुझे उम्मीद है कि इस मामले को जिस तरह सँभाला जाएगा, उससे सभी संबंधित पक्षों को उचित स्पष्टीकरण मिलेगा।
स्रोत: Central News Agency
इस वर्ष बेरूत अरब अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेला अपने 67वें संस्करण के रूप में 9 से 18 अक्टूबर 2026 तक आयोजित हो रहा है। मैंने यह खबर Al Jazeera Net पर पढ़ी और किताबों और प्रकाशन में रुचि रखने वालों के लिए इसका सार देना चाहता था। यह मेला पहली बार 1956 में लगा था।
इस वर्ष 163 प्रकाशक भाग ले रहे हैं और लगभग 100 सेमिनार होंगे (कार्यक्रम के शीर्षक में 90 से अधिक का ज़िक्र है), जिनमें लगभग 250 वक्ता इतिहास, भूगोल, राजनीति, अर्थशास्त्र, साहित्य, कविता, रंगमंच, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उच्च शिक्षा पर बात करेंगे।
मुझे जो बात सबसे अधिक दिलचस्प लगी, वह इसका संदर्भ है। यह मेला इज़राइली युद्ध से दक्षिणी लेबनान में हुई तबाही के बाद, 2019 के पतझड़ से चले आ रहे आर्थिक संकट के बाद, और ईरान के खिलाफ अमेरिका व इज़राइल के युद्ध के परिणामों के बीच हो रहा है। मेले का आयोजन करने वाले अरब सांस्कृतिक क्लब की अध्यक्ष सलवा अल-सेन्योरा बाअसीरी ने कहा कि ऐसे हालात में इसे आयोजित करना मौजूदा स्थिति को चुनौती देना है, संकट के समय संस्कृति अनिवार्य है, और इस क्षेत्र को लड़ाई नहीं, संवाद की ज़रूरत है।
कुछ सेमिनार उस विरासत पर केंद्रित हैं जो दक्षिणी लेबनान खोता जा रहा है, जिनमें पुरातात्विक और ऐतिहासिक स्थल शामिल हैं। लेबनान के संस्कृति मंत्री गस्सान सलामे ने कहा कि यूनेस्को की संकटग्रस्त विरासत सूची में शामिल पाँच किलों में से तीन इज़राइली कब्ज़े में चले गए हैं और चौथा क्षतिग्रस्त हुआ है। मेले में पुस्तक निर्माण से जुड़े खंड भी हैं, जिनमें मुद्रण के इतिहास, रंग-पृथक्करण और जिल्दबंदी से लेकर अक्षर-रूप और आवरण डिज़ाइन तक शामिल है, और सात विश्वविद्यालय अपने छात्रों द्वारा बनाए गए पुस्तक-आवरण प्रदर्शित कर रहे हैं।
मेला 2019, 2020 और 2021 में प्रदर्शनों, बेरूत बंदरगाह विस्फोट और मरम्मत कार्यों जैसे विभिन्न कारणों से नहीं लगा, और मार्च 2022 में फिर से शुरू हुआ। मेरे लिए इसकी निरंतरता एक सरल संदेश देती है: सबसे कठिन समय में भी किताब वह जगह है जहाँ लोग मिलते हैं।
स्रोत: Al Jazeera Net
Noritake Suzuki की चित्र पुस्तक Kireteru (कट गया है) को 36वें केनबुची चित्र-पुस्तक गाँव पुरस्कार में ग्रैंड प्रिक्स के विजेता के रूप में चुना गया है। मैंने इसके बारे में Real Sound Book के एक लेख में पढ़ा और इतना खुश हुआ कि इसे साझा करना चाहता था।
इस पुरस्कार की खासियत यह है कि इसका फैसला होक्काइडो के केनबुची चित्र-पुस्तक गाँव जाने वाले पाठकों के वोटों से होता है, न कि विशेषज्ञों की समिति से। लेख इसे रोज़मर्रा की ज़िंदगी के करीब एक गर्मजोशी भरा पुरस्कार बताता है। इस बार विजेता 269 प्रविष्टियों में से चुना गया।
Kireteru (Poplar, अक्टूबर 2025) «?और!» श्रृंखला की दूसरी किताब है। एक स्वादिष्ट दिखने वाला रोल केक कटा हुआ लगता है, फिर भी अप्रत्याशित घटनाएँ लगातार होती रहती हैं। लेख के अनुसार यह एक हास्यपूर्ण चित्र-पुस्तक है, जो बच्चों और बड़ों दोनों को मज़ेदार लगेगी। श्रृंखला की पहली किताब Tareteru (टपक रहा है) कई बार पुनर्मुद्रित हुई है, और पूरी श्रृंखला की कुल बिक्री 1,60,000 प्रतियों से अधिक है।
Suzuki का जन्म 1975 में शिज़ुओका प्रान्त के हामामात्सु में हुआ था। चित्र-पुस्तक लेखक बनने से पहले वे ग्राफ़िक डिज़ाइनर थे। उन्हें Boku no Toire (मेरा शौचालय) के लिए 17वें जापान चित्र-पुस्तक पुरस्कार का पाठक पुरस्कार, Shigotoba Tokyo Skytree (कार्यस्थल: टोक्यो स्काईट्री) के लिए 62वाँ Shogakukan बाल प्रकाशन संस्कृति पुरस्कार, Ookii Pinch Zukan (बड़ी मुसीबत, चित्र-शब्दकोश) के लिए 15वें MOE चित्र-पुस्तक दुकान पुरस्कार 2022 में पहला स्थान, और Ookii Pinch Zukan 2 के लिए 17वें MOE पुरस्कार 2024 में पहला स्थान मिला है।
मुझे सबसे अच्छा यह लगा कि यह पुरस्कार पाठकों के वोटों से तय हुआ। छोटे बच्चों से लेकर बड़ों तक, हर उम्र के लोग जिस किताब को उठाकर बस मज़ेदार पाते हैं, उसे सम्मान मिला है। अगर यह किताब आपको आकर्षित करती है, तो किसी किताबों की दुकान या पुस्तकालय में इसे खोज सकते हैं।
स्रोत: Real Sound Book
बैन्ड बुक्स वीक के अवसर पर अमेरिकन लाइब्रेरी एसोसिएशन (ALA) ने 1990 से 2025 के बीच दर्ज की गई 150 सबसे अधिक चुनौती दी गई किताबों की सूची प्रकाशित की है, और Literary Hub की ब्रिटनी एलन ने उसे श्रेणियों के अनुसार देखा है। मुझे उनका विश्लेषण शीर्षक के आँकड़ों से अधिक दिलचस्प लगा।
पहले थोड़ा संदर्भ: ALA के बौद्धिक स्वतंत्रता कार्यालय ने पिछले साल 4,235 चुनौती दी गई किताबें दर्ज कीं, जो अब तक का दूसरा सबसे बड़ा आँकड़ा है। सूची की 150 में से 20 वयस्कों के क्लासिक हैं, जिनमें हार्पर ली की To Kill a Mockingbird और माया एंजेलो की I Know Why the Caged Bird Sings शामिल हैं, साथ ही सैलिंगर, ट्वेन, राइट, मॉरिसन और हक्सले की रचनाएँ। एलन को यह देखकर भी हैरानी हुई कि सूची में Yaa Gyasi की Homegoing और Sara Gruen की Water for Elephants जैसी नई किताबें भी हैं।
सबसे बड़ा समूह युवा वयस्क कथा-साहित्य का है, जिसमें 81 किताबें हैं। एलन बताती हैं कि लिंग और यौन विषयों वाली किताबों पर बंदूक हिंसा, नस्लीय हिंसा, मानसिक बीमारी, नशीली दवाओं या प्रवासियों के अनुभव वाली किताबों की तुलना में अधिक बार आपत्ति उठाई गई। Ellen Hopkins की 14 किताबें सूची में हैं और Lauren Myracle की छह। बच्चों और मध्य-आयु वर्ग की 11 किताबें हैं, ज़्यादातर लिंग पहचान या क्वीयर परिवारों पर, जैसे Julián Is a Mermaid और And Tango Makes Three। इनके अलावा आठ ग्राफ़िक उपन्यास, आठ संस्मरण और दस रोमांटेसी किताबें हैं, जिनमें से नौ Sarah J. Maas की हैं।
कुछ अजीब चीज़ें भी दिखती हैं: यौवन पर पाँच मार्गदर्शिकाएँ, एक नस्लवाद-विरोधी पुस्तिका, और एक ऐसा समूह जिसका वर्गीकरण मुश्किल है, जिसमें Rupi Kaur के दो संग्रह और भूत-कहानियों का एक संकलन शामिल है। एलन का अनुमान है कि यह शायद "सैटेनिक पैनिक" का अवशेष हो सकता है।
उनका निष्कर्ष है कि किताबों पर प्रतिबंध लगाने वालों के चुनाव में बहुत कम तर्क दिखता है, और वे पाठकों से आग्रह करती हैं कि वे ala150.org पर सूचीबद्ध इन किताबों को पढ़ें। मेरे हिसाब से इस सप्ताह को मनाने का एक व्यावहारिक तरीका यह है कि इनमें से एक किताब पढ़ी जाए।
स्रोत: Literary Hub
कई सालों से मेरी नज़र अधिकारों और अनुवाद को लेकर उड़ती अफ़वाहों पर थी, और आख़िरकार: प्रकाशन गृह «अज़्बुका» थॉमस पिंचन का «अगेंस्ट द डे» मक्सिम नेम्त्सोव के अनुवाद में प्रकाशित कर रहा है। यह लेखक का सबसे लंबा उपन्यास है — 1232 पन्ने — जो पहली बार 2006 में अंग्रेज़ी में प्रकाशित हुआ था।
«गोर्की» पर स्तानिस्लाव रास्पेचेन्को विस्तार से बताते हैं कि क्या उम्मीद की जाए। कहानी लगभग 1893 से 1920 के दशक तक फैली है: शिकागो के विश्व मेले से लेकर पहले विश्व युद्ध तक। क़रीब दो सौ पात्र, खनिकों और आविष्कारकों की पारिवारिक कहानियाँ, एक गुह्य जासूसी कथा, और अलग से — हवाई पोत «बेचैनी» पर सवार «संयोग के साथी», जो किताब को लगभग साहसिक-कथा जैसा माहौल देते हैं।
मुझे ख़ास तौर पर यह पसंद है कि पाठ में दूसरी औद्योगिक क्रांति, अराजकतावाद, टेस्ला और एडिसन का «धाराओं का युद्ध», माइकलसन–मोर्ले प्रयोग और यहाँ तक कि तुंगुस्का घटना भी एक साथ आ मिलते हैं। फिर भी, «ग्रैविटीज़ रेनबो» की तुलना में इसे पढ़ना मानो आसान लगता है — और समीक्षक के अनुसार, जाल ठीक इसी में है: अंत किसी साफ़-सुथरी पहेली की तरह जुड़ते नहीं।
अगर आपको «वही» महत्वाकांक्षी पिंचन याद आ रहे हैं, न कि सिर्फ़ «वन बैटल आफ्टर अनदर» जैसे फ़िल्मी रूपांतरण, तो 2026 की शरद ऋतु मोटा खंड उठाकर इत्मीनान से पढ़ने का अच्छा समय है।
स्रोत: गोर्की