Fågelskådning är den där hobbyn du alltid kan ha med dig — på tomten, i skogen eller vid havet. Det bästa rådet jag fick när jag började var att starta i januari, när antalet arter i landet är begränsat och de fåglar du ofta ser blir lättast att lära dig. En fågelmatning på vintern är guld värd: då kommer fåglarna till dig.
Utrustningsmässigt behöver du inte mycket. Skaffa en bra fågelbok — «Fågelguiden» är standard, men som nybörjare kan en enklare bok om de vanligaste arterna vara mindre överväldigande. En handkikare gör allt roligare; börja gärna med att låna eller köpa begagnad. En fågelapp i mobilen är också ett smidigt alternativ.
Det som hjälpte mig mest var sannolikhetstänkande: ser du en «silltrut» mitt i vintern är det troligare en havstrut, och en flock «azurmesar» vid matningen är nästan alltid stjärtmesar. Lär dig först utesluta de vanliga arterna. Och framför allt — var ödmjuk och stör inte fåglarna, särskilt inte under häckningen.
Att rapportera i Artportalen är både kul och nyttigt: dina observationer bidrar till kunskapen om Sveriges fågelfauna, och du får en fältdagbok att titta tillbaka på. Att vara ute med andra skådare via en lokal förening är nog det som ger allra mest.
Mitt tips är att inte stressa fram resultat. Lär dig en sång i taget, njut av gryningarna, och plötsligt märker du att du hör och känner igen fler arter än du trodde var möjligt.
Källa: Natursidan
प्रकृति संरक्षण से कभी-कभार अच्छी खबरें आती हैं, और यह खबर मुझे खास तौर पर पसंद है। BirdLife Sverige के अनुसार "दक्षिणी कीचड़-तट चिड़िया परियोजना" में पाले गए कम से कम ग्यारह पक्षी इस साल ओलन द्वीप लौटे हैं, और उनमें से छह ने प्रजनन की कोशिश की।
परियोजना को Nordens Ark और BirdLife Sverige चलाते हैं और Postkodlotteriet का समर्थन है; यह 2023 में शुरू हुई। तब स्वीडन में अनुमानित रूप से केवल लगभग 40 जोड़े बचे थे, जो सौ साल पहले की संख्या का एक छोटा हिस्सा था। तरीका यह है कि घोंसले और अंडे खोजे जाते हैं, अंडों को एक पालन-केंद्र में सेया जाता है जहाँ चूज़े शिकारियों से सुरक्षित रहते हैं, और उड़ने योग्य होने पर उन्हें ओलन के गीले घास-मैदानों में छोड़ा जाता है। फिर वे जंगली पक्षियों की तरह जीते हैं और उत्तरी व उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका में सर्दियाँ बिताते हैं। व्यक्तिगत रंगीन छल्ले लौटने पर उन्हें पहचानने में मदद करते हैं।
इस साल दक्षिणी ओलन के गीले घास-मैदानों में उड़ने योग्य 24 बच्चे छोड़े गए। माना जाता है कि कुछ शिकारियों, शायद मिंक का शिकार हुए। बसंत सूखा था और कई जलाशय जल्दी सूख गए, और अंडों का शिकार अधिक था, पर बाद में अधिक बारिश हुई और हालात सुधरे। लौटे कुछ पक्षियों ने खुद प्रजनन किया और अंडे दिए, और कुछ को परियोजना ने संभाला, जिससे नई पीढ़ी बनी।
BirdLife Sverige की परियोजना प्रमुख Eleonor Karlsson याद दिलाती हैं कि प्रवासी पक्षियों की पहली उड़ान सबसे जोखिम भरी होती है और हर पक्षी बहुत कीमती है। Nordens Ark में प्रकृति संरक्षण प्रबंधक Emma Nygren मानती हैं कि लौटने वालों की असली संख्या ग्यारह से अधिक है, क्योंकि इस प्रजाति का सर्वेक्षण कठिन है और सभी गीले घास-मैदानों तक पहुँचा नहीं जा सका।
एक पक्षी-प्रेमी के रूप में मुझे लगता है कि रंगीन छल्ले इस कहानी का सबसे अच्छा हिस्सा हैं: अंडे से लेकर वापसी तक अलग-अलग पक्षियों का पीछा किया जा सकता है। यह ऐसी प्रजाति के लिए आशा देता है जो अन्यथा आसानी से लुप्त हो सकती थी।
स्रोत: BirdLife Sverige
Burung Indonesia ने विश्व नदी दिवस के अवसर पर एक लेख प्रकाशित किया है, और पक्षी-प्रेमी होने के नाते मुझे लगता है कि नदियों को अक्सर भुला दिया जाता है। विश्व नदी दिवस हर साल सितंबर के चौथे रविवार को मनाया जाता है। इसकी शुरुआत 2005 में हुई, जब संयुक्त राष्ट्र ने "जीवन के लिए जल" दशक शुरू किया था। यह विचार नदी-कार्यकर्ता मार्क एंजेलो का था।
लेख में नदियों के किनारे रहने वाले कुछ पक्षियों का परिचय है। कॉलर्ड किंगफ़िशर (Todiramphus chloris) IUCN की 2026 सूची में "कम चिंता" श्रेणी में है और टहनियों से गोता लगाकर मछली व छोटे जीवों का शिकार करता है। लगभग 46 सेमी ऊँचा जावा पॉन्ड-हेरॉन (Ardeola speciosa) किनारों पर शिकार का इंतज़ार करता है। बाकी दो प्रजातियाँ कहीं अधिक चिंताजनक हैं। सफ़ेद-कंधे वाला आइबिस (Pseudibis davisoni) गंभीर रूप से संकटग्रस्त है और आज दुनिया में केवल लाओस, कंबोडिया और इंडोनेशिया में बचा है; पूर्वी कालीमंतन की महाकम नदी में इसे दर्ज किया गया है। जावा का स्थानिक ब्लू-ईयर्ड किंगफ़िशर (Alcedo euryzona) भी गंभीर रूप से संकटग्रस्त है और वनक्षेत्र की नदियों पर निर्भर है।
सबसे दुखद है जावा लैपविंग (Vanellus macropterus), जावा का स्थानिक पक्षी, जो गंभीर रूप से संकटग्रस्त है और शायद विलुप्त हो चुका है। 1930–1940 के बाद इसका कोई सत्यापित रिकॉर्ड नहीं है, और 2001 से 2012 के सर्वेक्षणों में यह नहीं मिला।
लेख में जल-गुणवत्ता के आँकड़ों ने मुझे निःशब्द कर दिया। 2025 की पहली छमाही की निगरानी में 1,482 नदियों के 4,482 स्थान शामिल थे: 70.7% स्थान प्रदूषित थे और केवल 29.3% गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरे। DKI जकार्ता, रियाउ द्वीप समूह और दक्षिणी पापुआ में जाँचे गए सभी स्थान प्रदूषित थे।
सुझाव सरल हैं: नदियों में कचरा न फेंकें, एकल-उपयोग प्लास्टिक कम करें, किनारे की वनस्पति बचाएँ और आसपास के आवासों को नुकसान न पहुँचाएँ। समापन का उद्धरण भी सटीक लगता है: स्वस्थ नदी सिर्फ़ बहते पानी का नाम नहीं है।
स्रोत: Burung Indonesia
Doğa Derneği की सूचना के अनुसार, BirdLife International ने केन्या में हुए ग्लोबल माइग्रेशन पाथवेज़ सम्मेलन में विश्व पक्षी रिपोर्ट जारी की। हर चार साल पर आने वाली यह रिपोर्ट इस बार पहली बार प्रवासी पक्षियों और उनके मार्गों पर केंद्रित है। एक पक्षी-प्रेमी के रूप में यह विषय मुझे सीधे छूता है, इसलिए मैंने ज़रूरी बातें नोट कर लीं।
मुख्य निष्कर्ष चिंताजनक है: प्रवासी पक्षी प्रजातियों में से लगभग आधी की संख्या घट रही है, Doğa Derneği के शीर्षक के अनुसार यह 45% है, और हर नौ में से एक प्रजाति विलुप्ति के खतरे में है। पतली चोंच वाले कर्लू (Numenius tenuirostris) का आखिरी रिकॉर्ड फ़रवरी 1995 में मोरक्को की एक लैगून से मिला था; इस प्रजाति को 2025 में विलुप्त घोषित किया गया, जो यूरेशिया और अफ्रीका में पिछली कई सदियों में पक्षियों की पहली वैश्विक विलुप्ति है। समुद्री पक्षी और तटीय पक्षी सबसे अधिक जोखिम में हैं।
फिर भी इस खबर का एक आशाजनक पहलू है। आक्रामक प्रजातियों, कृषि की गहनता, जलवायु परिवर्तन और शिकार जैसे खतरों पर काम करने से परिणाम मिलते हैं; और जब पूरे प्रवास मार्ग पर खतरों से निपटा जाता है, तो आबादी फिर से बढ़ सकती है। मिस्री गिद्ध के लिए चल रहे अंतरराष्ट्रीय प्रयासों ने बाल्कन में उसकी प्रजनन आबादी की गिरावट रोक दी है।
रिपोर्ट के संपादक डॉ. स्टुअर्ट बटचार्ट प्रवासी पक्षियों को पारिस्थितिक तंत्र के "पहरेदार" कहते हैं और कहते हैं कि संरक्षण प्रवास मार्ग के पैमाने पर होना चाहिए। सम्मेलन में नैरोबी प्रवास मार्ग घोषणा पर भी हस्ताक्षर हुए। Doğa Derneği के महासचिव सेरदार ओज़ुस्लू बल देते हैं कि तुर्की में जैव विविधता के तीन हॉटस्पॉट हैं और यह यूरोप और अफ्रीका के बीच प्रवास के लिए एक महत्वपूर्ण पारिस्थितिक सेतु है।
मेरे लिए इस रिपोर्ट का संदेश सीधा है: किसी पक्षी को केवल वहीं बचाना काफ़ी नहीं जहाँ वह रहता है; उसके रास्ते के हर पड़ाव के बारे में भी सोचना होगा। विवरण sowb.birdlife.org पर है।
स्रोत: Doğa Derneği
जो लोग शरद ऋतु में पक्षी देखते हैं, उनके लिए मेरे पास अच्छी खबर है। 29 सितंबर को OTOP ने EuroBirdPortal (EBP) ब्राउज़र के नए संस्करण की घोषणा की, जो eurobirdportal.org/pol/pl पर उपलब्ध है। पहली बार इसमें यूरोप में नियमित रूप से दिखने वाली सभी पक्षी प्रजातियाँ शामिल हैं।
हर दिन अपडेट होने वाले एनिमेटेड नक्शों पर लगभग 600 प्रजातियों को ट्रैक किया जा सकता है: 477 वे जो यूरोपीय संघ में प्राकृतिक रूप से पाई जाती हैं, 32 वे प्रजातियाँ जो लाई गईं और जिनकी अपनी स्वतंत्र प्रजनन आबादी है, और 58 चुनी हुई भटकने वाली प्रजातियाँ। 2010 से अब तक डेटाबेस में 75 करोड़ अवलोकन आ चुके हैं, जिनमें 2026 के 7 करोड़ 60 लाख हैं। 21 प्लेटफ़ॉर्म का डेटा हर दिन साझा डेटाबेस में आता है, जिसे 41 देशों के 52 पक्षी-विज्ञान संगठनों का नेटवर्क चलाता है।
पोलैंड का साझेदार OTOP है, जो ornitho.pl पोर्टल चलाता है और पोलैंड में eBird का मुख्य साझेदार है। EBP का पहला संस्करण 2015 में बना था, और 2019 से यह एक दिन की देरी के साथ "लाइव" मोड में चलता है। इसके विस्तार को यूरोपीय संघ के LIFE कार्यक्रम ने "LIFE EBP Reinforcement" परियोजना के तहत वित्त पोषित किया।
व्यावहारिक बात यह है कि नक्शों की तुलना पिछले साल से की जा सकती है, साथ-साथ रखे जा सकते हैं, सोशल मीडिया पर साझा किए जा सकते हैं और वेबसाइटों पर लगाए जा सकते हैं। लेख में, उदाहरण के लिए, इस और पिछले मौसम में सारसों के शरद प्रवास को दिखाया गया है, जो अभी बहुत सामयिक है।
मुझे सबसे ज़्यादा यह बात अच्छी लगी कि इन नक्शों के पीछे यूरोप भर के 2 लाख से अधिक स्वयंसेवक हैं, जो अपने अवलोकन ornitho और eBird में दर्ज करते हैं। किसी आम पर्यवेक्षक की हर रिपोर्ट सचमुच प्रवास की इस तस्वीर में योगदान देती है, और शायद यही सबसे अच्छा तर्क है कि आम प्रजातियाँ भी दर्ज करें।
स्रोत: OTOP
डच पक्षी-अवलोकन की दुनिया में फिर से कुछ सचमुच दिलचस्प हो रहा है: नटक्रैकर पक्षी आ गए हैं। Vogelbescherming Nederland के अनुसार 8 अक्टूबर को लगभग 30 देखे गए, ज़्यादातर ड्रेंथे और देश के उत्तर-पूर्व में। मुझे यह अच्छी खबर लगती है, क्योंकि यह ऐसी प्रजाति है जिसे ज़्यादातर पक्षी-प्रेमी हर साल नहीं देख पाते।
2026 का पहला पक्षी 28 अगस्त को Waddinxveen के पास Dirk van Doorn ने फोटो में कैद किया, जो खुद उनके लिए भी हैरानी की बात थी। 27 सितंबर को Westmaas में एक और देखा गया, और उसके बाद संख्या तेज़ी से बढ़ी। ड्रेंथे में Gasteren के पास एक पक्षी ज़्यादा देर रुका और दर्जनों उत्साही लोगों को आकर्षित किया। ऊपर से उड़ते पक्षियों की कई अनिश्चित रिपोर्टें भी हैं, और उम्मीद है कि अक्टूबर में और दिखेंगे।
नटक्रैकर कौवे जैसा पक्षी है, जिसकी चोंच बड़ी होती है, भूरे पंखों पर सफ़ेद धब्बे होते हैं और पूँछ काली-सफ़ेद होती है। उड़ान में यह जय (जे) जैसा दिखता है, लेकिन तेज़ और सीधा उड़ता है। कुछ पक्षी आश्चर्यजनक रूप से हिले-मिले होते हैं। लेख की सलाह काम की है: बगीचों, पार्कों और जंगलों में हेज़ल (कोरिलस) के पेड़ों पर नज़र रखें, क्योंकि नटक्रैकर को हेज़लनट बहुत पसंद हैं।
यह एक आक्रमणकारी प्रजाति है। सबसे बड़ा आक्रमण 1968 में हुआ था, जब अगस्त से हज़ारों पक्षी आए और कुछ ने 1969 के वसंत में घोंसले भी बनाए। 1971, 1977, 1985 और 1991 में छोटे आक्रमण हुए, और सबसे हालिया, बहुत छोटा, 2008 में। इसलिए हमारे देश में यह प्रजाति लगातार दुर्लभ होती जा रही है।
ये पक्षी शायद आंशिक रूप से साइबेरिया से आते हैं, और शायद उत्तरी स्कैंडिनेविया और फ़िनलैंड से भी। जब साइबेरियाई देवदार और स्प्रूस के बीज कम पड़ते हैं, तो पतली चोंच वाला नटक्रैकर बड़ी संख्या में पश्चिम की ओर चला जाता है; 2026 की देर गर्मियों में फ़िनलैंड में बड़ी संख्या में प्रवासी देखे गए। मुझे व्यक्तिगत रूप से यह अद्भुत लगता है कि साइबेरिया में भोजन की कमी अचानक ड्रेंथे के एक जंगल में दिख सकती है।
स्रोत: Vogelbescherming Nederland
SEO/BirdLife ने अपनी श्रृंखला «Somos Ciencia, Somos Acción» (हम विज्ञान हैं, हम कार्य हैं) का दूसरा वीडियो जारी किया है। यह नागरिक विज्ञान पर केंद्रित है, जिसकी मुख्य भूमिका में 2026 का वर्ष-पक्षी, यूरोपीय गोल्डफ़िंच है। मुझे लगता है यह याद दिलाने का अच्छा तरीका है कि जो लोग दूरबीन लेकर पक्षी देखने निकलते हैं, वे भी उपयोगी आँकड़े दे सकते हैं।
असली सवाल यह है कि हमें कैसे पता चलता है कि पक्षी गायब हो रहे हैं? संगठन के अनुसार इसका जवाब उन हज़ारों लोगों में है जो हर साल खेतों-मैदानों में जाते हैं, देखते हैं, गिनती करते हैं और अपने आँकड़े साझा करते हैं। SEO/BirdLife 12 से अधिक नागरिक विज्ञान कार्यक्रमों का समन्वय करता है, जिनमें गणना और अन्य निगरानी में 3,000 से अधिक स्वयंसेवक भाग लेते हैं। कुल मिलाकर हर साल 18,000 से अधिक लोग इसके स्वयंसेवी कार्यक्रमों में शामिल होते हैं, और लगभग 1.6 करोड़ आँकड़े जुटाए गए हैं।
रिपोर्ट «El Estado de las Aves de España 2024» (स्पेन के पक्षियों की स्थिति 2024) एक चिंताजनक तस्वीर पेश करती है। आम पक्षियों की निगरानी के कार्यक्रम Sacre (वसंत), Sacin (सर्दी) और Noctua (रात्रिचर पक्षी) व्यापक गिरावट दिखाते हैं। वसंत में 43% प्रजातियाँ 1998 की तुलना में घट चुकी हैं, और रात्रिचर पक्षियों में आधे से अधिक गिरावट पर हैं। प्रभावित प्रजातियों में गौरैया, काला अबाबील, ग्रीनफ़िंच और यूरोपीय गोल्डफ़िंच शामिल हैं।
यूरोपीय गोल्डफ़िंच की आबादी अब भी बड़ी है, लेकिन उसे व्यावसायिक उद्देश्य से अवैध पकड़, पिंजरों में पालने और कीटनाशकों व खरपतवारनाशकों के अत्यधिक इस्तेमाल के असर से नुकसान हो रहा है। Sacre कार्यक्रम के अनुसार उसकी आबादी में 7.3% की मध्यम गिरावट दिख रही है। योगदान देने के लिए पेशेवर वैज्ञानिक होना ज़रूरी नहीं है: मायने यह रखता है कि वर्षों तक अवलोकन लगातार होते रहें।
स्रोत: SEO/BirdLife
अप्रैल में ताइवान वाइल्ड बर्ड सोसाइटी द्वारा प्रकाशित 2026 की काले मुँह वाले चम्मचचोंच (ब्लैक-फेस्ड स्पूनबिल) की गणना के नतीजे देखकर मुझे लगा कि यह एक दुर्लभ अच्छी खबर है। ताइवान में 4,719 पक्षी दर्ज किए गए, जो एक नया ऐतिहासिक रिकॉर्ड है और पिछले साल से 550 ज़्यादा है। यह 13.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी है, जो सभी शीतकालीन ठिकानों में एक साल में सबसे बड़ी वृद्धि है। दुनिया भर में कुल संख्या 7,746 है, जो 2025 से 11.1 प्रतिशत ज़्यादा है, और ताइवान में इसका लगभग 61 प्रतिशत हिस्सा रहता है, इसलिए यह द्वीप इस प्रजाति का सबसे अहम शीतकालीन ठिकाना है।
अन्य शीतकालीन ठिकानों की गिनती इस प्रकार है: चीन 1,849, जापान 757, हांगकांग और शेनझेन की हौहाई खाड़ी 291, वियतनाम 72, दक्षिण कोरिया 39, मकाऊ 12 और फिलीपींस 7। ताइवान के भीतर, ताइनान शहर में अब भी सबसे ज़्यादा पक्षी हैं, 2,034, हालाँकि उसका हिस्सा घटा है। चियाई काउंटी में 1,515 पक्षी थे और वहाँ सबसे तेज़ बढ़ोतरी दिखी, यह भी रिकॉर्ड है। ज्वोशुई नदी का मुहाना, जो चांगहुआ और युनलिन की सीमा पर है, वहाँ 465 पक्षी थे, और यिलान काउंटी में 53; दोनों पिछले रिकॉर्ड से ऊपर हैं। पूरे द्वीप की 15 काउंटी और शहरों में पक्षी दर्ज हुए, जो व्यापक फैलाव दिखाता है और संकेत देता है कि आबादी उत्तर की ओर बढ़ रही है। नवंबर 2025 में, जब ताइनान वाइल्ड बर्ड सोसाइटी ने युनलिन से कावोशुंग तक के तट का सर्वेक्षण किया, तब ही 5,000 से ज़्यादा पक्षी गिने जा चुके थे, जो जनवरी की गणना से मेल खाता है।
रिपोर्ट यह भी याद दिलाती है कि अच्छी खबर का मतलब निश्चिंत होना नहीं है। 2025 में IUCN ने इस प्रजाति का खतरे का स्तर लुप्तप्राय (EN) से संवेदनशील (VU) कर दिया, लेकिन उपयुक्त आवास आबादी की बढ़ोतरी के साथ नहीं बढ़ पाए हैं। इस साल कावोशुंग की युंगआन और चिदुन आर्द्रभूमियों में बोटुलिज़्म का प्रकोप हुआ, जिसमें 45 पक्षी बचाए गए, पर केवल 14 ही जीवित रहे और उन्हें जंगल में छोड़ा जा सका।
इसके अलावा 21 मार्च को पहला अंतरराष्ट्रीय काले मुँह वाला चम्मचचोंच दिवस मनाया गया। पक्षी देखने का शौक रखने वाले व्यक्ति के रूप में मुझे लगता है कि इस गणना का अर्थ यह है कि संख्या इसलिए बढ़ी है क्योंकि लोग हर साल सावधानी से उन्हें गिनते हैं और लोग आर्द्रभूमियों की रक्षा करते हैं। और ज़्यादा पक्षी यहाँ टिक पाएँगे या नहीं, यह इस पर निर्भर है कि आवास संरक्षण उस रफ़्तार से चल पाता है या नहीं।
एक पक्षी-प्रेमी के रूप में मेरे लिए यह बहुत अच्छी खबर है। फोंग न्या-के बांग राष्ट्रीय उद्यान में पक्षियों की 17 नई प्रजातियाँ दर्ज की गई हैं, जिससे उद्यान में कुल प्रजातियों की संख्या 353 हो गई है। Tuoi Tre Online के अनुसार, नई प्रजातियाँ चूना-पत्थर की पहाड़ियों के सदाबहार जंगलों, मिट्टी की पहाड़ियों, नदियों और नालों के किनारे, आर्द्रभूमि और जंगल व घास के मैदान के बीच के संक्रमण क्षेत्र में दिखाई दीं।
इसके साथ ही दो पक्षी-दर्शन स्थलों का परीक्षण किया जा रहा है: एक राष्ट्रीय उद्यान के भीतर और दूसरा दोंग चाउ - खे नुओक त्रोंग प्रकृति आरक्षित क्षेत्र में। उद्देश्य पर्यावरण-पर्यटन को विकसित करना है। प्रबंधन बोर्ड के उप-निदेशक श्री दिन्ह ह्वी त्री ने कहा कि शोध दल ने 13 मार्गों का सर्वेक्षण किया ताकि प्रजातियों की संरचना, आवासों, वितरण और पक्षी समुदायों पर प्रभाव के आँकड़े जुटाए जा सकें। कुछ आगंतुकों के सर्वेक्षण से पता चला कि कई लोग पक्षी-दर्शन का अनुभव लेना चाहते हैं, खासकर चटकीले पंखों वाली प्रजातियों के लिए।
जो बात सबसे अलग लगी, वह है सावधानी भरा दृष्टिकोण। शोध दल के सदस्य श्री त्रान शुआन मुई ने जोर देकर कहा कि पक्षी-दर्शन साधारण सैर-सपाटे जैसा नहीं है। आयोजकों को हर प्रजाति का व्यवहार, आवास और उसके दिखने का समय समझना होगा। पक्षियों को गलत तरीके से आकर्षित करने से उनका स्वाभाविक व्यवहार बिगड़ सकता है, खासकर chích đá vôi और khướu đá mun जैसी स्थानिक और दुर्लभ प्रजातियों के लिए।
अवलोकन स्थल चुनने के मानदंडों में प्रजातियों की विविधता, पक्षी दिखने की संभावना, आवास की विशेषताएँ, पहुँच और मानव प्रभाव का स्तर शामिल हैं। दल ने पक्षियों के वितरण का डेटाबेस और GIS मानचित्र भी बनाए हैं। उच्च पारिस्थितिक मूल्य वाले क्षेत्रों की सख्त सुरक्षा होगी, और केवल उपयुक्त स्थान ही आगंतुकों का स्वागत करेंगे।
मुझ जैसे पक्षी-प्रेमी के लिए यह सकारात्मक संकेत है: संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए पक्षी-दर्शन पर्यटन बढ़ सकता है। मुझे उम्मीद है कि ये स्थल इसी भावना से चलाए जाएँगे।
स्रोत: Tuoi Tre Online
इन दिनों लग रहा है कि पतझड़ गहरा रहा है। Bird Research के Seasonal Front Watch पेज को 9 अक्टूबर 2026 को अपडेट किया गया, और यामानाशी व चिबा से डौरियन रेडस्टार्ट के पहले दर्शन की खबर आई है। सर्दियों के पक्षियों की खबरें सुनकर लगता है कि मौसम सचमुच बदल रहा है।
सर्वेक्षण में स्वयंसेवक यह बताते हैं कि किसी खास पक्षी को पहली बार कब देखा या सुना। ये रिपोर्टें नक्शे पर दिखाई जाती हैं ताकि पता चले कि जापान में मौसम कैसे आगे बढ़ते हैं। बताया गया है कि पक्षी-दर्शन का अनुभव न होने पर भी इसमें भाग लेना आसान है। वसंत के लक्ष्यों में बार्न स्वैलो, कोयल, छोटी कोयल, ओरिएंटल रीड वार्बलर, छोटा उल्लू, नार्सिसस फ्लाईकैचर और ब्लू-एंड-व्हाइट फ्लाईकैचर के पहले दर्शन, साथ ही जापानी बुश वार्बलर, स्काईलार्क और जापानी व्हाइट-आई के पहले गीत, और मैलार्ड के बच्चों के पहले दर्शन शामिल हैं। शरद के लक्ष्यों में डौरियन रेडस्टार्ट, डस्की थ्रश और रूक के पहले दर्शन, बुल-हेडेड श्राइक की तेज़ पुकार, और ब्राउन-ईयर्ड बुलबुल के प्रवासी झुंडों के पहले दर्शन शामिल हैं।
मानदंड स्पष्ट हैं: जापानी बुश वार्बलर का साफ़ "हो-हो-केक्यो" होना चाहिए; स्काईलार्क तभी गिना जाता है जब वह उड़ते हुए गाए; और बार्न स्वैलो केवल सिर के ऊपर से गुज़रने पर नहीं, बल्कि घोंसले की जगह से लगाव दिखाने वाले व्यवहार पर गिना जाता है।
इस वर्ष की रिपोर्ट में बताया गया है कि बुल-हेडेड श्राइक की तेज़ पुकार आने लगी है और विभिन्न स्थानों पर भारी बारिश हुई है। वसंत में छोटा उल्लू सामान्य से पहले दर्ज हुआ, और नार्सिसस फ्लाईकैचर भी कुछ पहले। जापानी बुश वार्बलर का पहला गीत 23 जनवरी को ओसाका में सुना गया, और स्काईलार्क का गाना जनवरी के अंत में ओकायामा में शुरू हुआ।
भाग लेने के लिए सदस्य लॉगिन करके "पड़ोस के पक्षी" सर्वेक्षण के अंतर्गत Seasonal Front Watch की वेब सेवा का उपयोग कर सकते हैं। गैर-सदस्य नक्शे वाले ईमेल फॉर्म से अपनी रिपोर्ट भेज सकते हैं। जापानी बुश वार्बलर के पहले गीत और बार्न स्वैलो के पहले दर्शन के पूर्वानुमान भी प्रकाशित होते हैं।
कितना अच्छा है कि एक साधारण सैर में, बिना किसी खास उपकरण के सुनी गई आवाज़ें भी शोध में काम आ सकती हैं। इस पतझड़ में मैं डौरियन रेडस्टार्ट की लाल पूँछ खोजना चाहता हूँ।
स्रोत: Bird Research
हर साल मैं EuroBirdwatch के आँकड़ों का इंतज़ार करता हूँ, और इस वर्ष BirdLife का सार पढ़ने लायक है। 3-4 अक्टूबर को 23,000 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया, यूरोप और मध्य एशिया में 28 BirdLife साझेदारों ने 927 कार्यक्रम आयोजित किए, और प्रतिभागियों ने अपने शरद प्रवास मार्गों पर 48 लाख पक्षी दर्ज किए। डेटा BirdLife स्लोवाकिया ने एकत्र, विश्लेषित और प्रकाशित किया।
देशवार कुल आँकड़े प्रभावशाली हैं। BirdLife फ़िनलैंड ने 16 लाख पक्षी, BirdLife स्वीडन ने 7,42,877 और MME/BirdLife हंगरी ने 6,28,635 पक्षी दर्ज किए। सबसे अधिक संख्या वाली तीन प्रजातियाँ थीं: सफ़ेद-गाल वाली हंस (7,50,000), स्टार (5,15,000) और चैफ़िंच (4,28,000)। आयोजनों (176) और प्रतिभागियों (3,807) में हंगरी आगे रहा, प्रतिभागियों में स्विट्ज़रलैंड (3,414) और ग्रीस (2,800) उसके बाद रहे। नीदरलैंड के Vogelbescherming Nederland ने 150 आयोजन किए, जो हंगरी के बाद दूसरे स्थान पर है।
दिलचस्प अवलोकन ही ऐसी सूची को रोचक बनाते हैं। लाल-गले वाला पिपिट, रिचर्ड्स पिपिट और ज़ैतूनी-पीठ वाला पिपिट बेल्जियम, डेनमार्क और नीदरलैंड में दिखे, और पीली-भौं वाला वार्बलर डेनमार्क, स्विट्ज़रलैंड और माल्टा में। ग्रीस ने कम से कम 73 छोटे सफ़ेद-माथे वाले हंस और मिस्र के गिद्ध दर्ज किए, इटली में बोनेली का ईगल और मार्बल्ड डक दिखे, और स्कैंडिनेविया ने पैलास वार्बलर, क्रीम-रंग का कोर्सर और काले-चेहरे वाला बंटिंग दिए। तुर्की ने 1,128 छोटे चीलनुमा ईगल गिने, जबकि इराक की सूची में इराक बैब्लर, सीसी पार्ट्रिज, ग्रे-हेडेड स्वैम्पहेन और डालमेशियन पेलिकन शामिल थे।
लेख तुलना के लिए पिछले संस्करणों का भी उल्लेख करता है: 2023 में 15,000 से अधिक प्रतिभागी और 35.2 लाख पक्षी, और 2025 में 27,000 से अधिक प्रतिभागी। इसलिए इस वर्ष की भागीदारी पिछले वर्ष से थोड़ी कम है, हालाँकि उद्धृत आँकड़ों में पक्षियों की संख्या सबसे अधिक है।
मुझे अच्छा लगता है कि इतनी सरल बात, बाहर जाकर गिनना, पूरे प्रवास की एक तस्वीर बनाती है। यह यह भी याद दिलाता है कि ये कुल योग आम पक्षी, यानी हंस, स्टार और चैफ़िंच, ही बनाते हैं।
स्रोत: BirdLife International