जब मैं छोटा था, तो मैं घंटों तक ट्रेनों के प्रदर्शन मॉडलों के सामने खड़ा रहता था, और आज जब रेलवे मॉडलिंग फिर से चर्चा में है, तो मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। मैंने हाल ही में टीजीआर मोलिसे का एक कार्यक्रम देखा जिसमें "फ्रेक्का डेल मोलिसे" नामक उत्साही लोगों के एक समूह के बारे में बताया गया है। उन्होंने बारनेलो में छोटे आकार की ट्रेनें और रेलवे स्थापित किए हैं, जिसने आगंतुकों, वयस्कों और बच्चों को, यहां तक कि अन्य क्षेत्रों से भी आकर्षित किया है।
जिस बात ने मुझे प्रभावित किया, वह है इसमें डाला गया ध्यान: प्रत्येक इंजन, प्रत्येक स्विच, और परिदृश्य का हर विवरण, सब कुछ अत्यंत सटीकता के साथ छोटे पैमाने पर बनाया गया है। और सबसे अच्छी बात यह है कि यह सिर्फ तकनीक नहीं है—यह एक तरीका है जिससे ट्रेनों के प्रति जुनून को एक ऐसे क्षेत्र में जीवित रखा जा सकता है, जैसा कि कार्यक्रम में कहा गया है, जो वास्तविक रेलवे संबंधी समस्याओं से जूझ रहा है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष और अन्य मॉडल रेलवे उत्साही लोग इसे स्पष्ट रूप से कहते हैं: एक मॉडल बनाना एक टीम वर्क, धैर्य और वर्षों का काम है। लेकिन जब कोई बच्चा किसी चलती हुई ट्रेन को देखकर मोहित हो जाता है, तो उस समय और प्रयास का फल मिलता है।
मुझे अपने पुराने मॉडल को गोदाम से निकालने का फिर से मन कर रहा है। शायद यह सही समय है इसे फिर से शुरू करने का, और क्यों नहीं, अपने आस-पास के क्षेत्र में उत्साही लोगों के एक समूह की तलाश करने का।
मुझे पता चला कि “मिनिएचर बिस्ट्रो की दुनिया प्रदर्शनी”, जो खाने पर केंद्रित लघु कलाकृतियों की संयुक्त प्रदर्शनी है, पहली बार लालापोर्ट तचिकावा-तचिहि में आयोजित होगी। यह 27 अक्टूबर (मंगलवार) से 3 नवंबर (मंगलवार, सार्वजनिक अवकाश) तक चलेगी और इसका आयोजन BACON Co., Ltd. कर रही है।
इसमें 48 रचनाकार भाग ले रहे हैं। बेकरी और पेस्ट्री शॉप से प्रेरित कृतियाँ पहली बार तचिकावा में दिखाई जाएँगी, और मैं यह देखने को उत्सुक हूँ कि छोटे क्रोसेंट और केक की बनावट कैसी रची गई है। दुनिया के टावर्न और काल्पनिक रेस्टोरेंट पर आधारित एक विशेष क्षेत्र भी बनाया जाएगा।
स्थल पर वर्कशॉप और सीमित संस्करण के सामान की बिक्री भी होगी। सिर्फ देखना ही नहीं, खुद लघु कृति बनाने का अनुभव लेना भी एक अच्छा पहलू है। प्रवेश शुल्क 500 येन है और तीन वर्ष तक के बच्चे मुफ़्त प्रवेश पाते हैं।
गुड़िया के घरों और लघु खाने में सबसे आकर्षक बात यह है कि पूरी दुनिया हथेली में समा जाती है। 48 रचनाकारों की “छोटी खाने की दुनियाओं” की तुलना करने का यह दुर्लभ अवसर है, इसलिए अगर आप पास में रहते हैं तो छुट्टियों के दौरान जाना अच्छा रहेगा। विस्तृत समय आधिकारिक साइट पर देखें।
अपनी 25वीं वर्षगांठ पर हैम्बर्ग के Miniatur Wunderland ने कुछ खास पेश किया है। रंगीन S-Bahn ट्रेन, एक ट्रक और एक नाम वाली ICE के बाद अब एक चमकदार डिज़ाइन वाला मालगाड़ी लोकोमोटिव असली यूरोपीय रेल लाइनों पर चल रहा है। यह 10 अगस्त 2026 को हैम्बर्ग पहुँचा।
यह लोकोमोटिव Bombardier TRAXX F140 AC2 है, जो 185.2 श्रेणी का है, इसका संचालन नंबर 185 666 है और यह ऑपरेटर Lokomotion का है। इसका डिज़ाइन Lokomotion और Railcolor की डिज़ाइन टीम ने Wunderland के साथ मिलकर बनाया। जुलाई 2026 के अंत में, डिलीवरी से पहले, ऑस्ट्रिया के Kufstein में इसे नई फ़ॉइल रैप से सजाया गया।
रोज़मर्रा के काम में यह सामान्य मालगाड़ियाँ खींचता है और म्यूनिख, कोलोन, ब्रेमेन और हैम्बर्ग जैसे शहरों को जोड़ता है। इसका मुख्य क्षेत्र ब्रेनर धुरी से होकर जाने वाला आल्पाइन कॉरिडोर है, और यह सालाना लगभग 1,80,000 किलोमीटर चलता है। संस्थापक गेरिट ब्राउन ने Lokomotion के प्रतिनिधियों के साथ इसे आधिकारिक रूप से विदा किया, जब यह हैम्बर्ग हॉप्टबानहोफ़ से होते हुए Billwerder टर्मिनल तक पहुँचा।
मुझे सबसे अच्छा यह लगता है कि यह अनोखा लोकोमोटिव सिर्फ असली दुनिया में नहीं, बल्कि Wunderland के लेआउट पर 1:87 पैमाने के मॉडल के रूप में भी मौजूद है। असली इंजन और उसका छोटा रूप एक-दूसरे को पूरा करते हैं, और रेल प्रेमी अब जर्मनी और ऑस्ट्रिया के बीच के मार्गों पर इस दुर्लभ दृश्य को खोज सकते हैं।
साइमन लावुव 1/35 पैमाने पर लघु आवास बनाते हैं, जो खंभों और बड़े पत्थरों पर टिके होते हैं। Colossal की केट मोथेस ने उनकी नवीनतम श्रृंखला पर लिखा है।
दृश्य छोटे-छोटे विवरणों से भरे हैं: नन्ही कुर्सियाँ, सब्ज़ियों की पेटियाँ, मछली पकड़ने का सामान, और बची-खुची चीज़ें जिन्हें औज़ार और फ़र्नीचर की तरह फिर से इस्तेमाल किया गया है। कहीं कोई इंसान नहीं दिखता, लेकिन रोज़मर्रा की ज़िंदगी के निशान ऐसा एहसास कराते हैं मानो निवासी अभी-अभी बाहर गए हों। ये कृतियाँ उन घरों के बारे में हैं जिन्हें अनपेक्षित और अस्थिर जगहों पर वे लोग बनाते हैं जो अपने पास की चीज़ों से काम चलाते हैं, और लेख इन्हें राजनीतिक और आर्थिक उथल-पुथल के बीच जीने के रूपक के तौर पर पढ़ता है। लावुव ने Colossal को बताया कि उनका काम टिकने के लिए जगह ढूँढने और वहीं से जीने की बुनियादी ज़रूरत को संबोधित करता है।
2026 की पाँच मिश्रित-माध्यम कृतियाँ सूचीबद्ध हैं, जिनके नाम Eau-delà Du Gouffre और Demain Sera Comme Hier जैसे हैं। उनकी एकल प्रदर्शनी Ancré dans la roche (चट्टान में लंगर डले) 12 नवंबर से 22 दिसंबर तक पेरिस की Loo & Lou गैलरी में चलेगी, और गैलरी लक्ज़मबर्ग आर्ट वीक (20 से 22 नवंबर) के दौरान भी उनका काम दिखाएगी।
मुझे यहाँ जो अच्छा लगा वह यह है कि यह लघु कृति सिर्फ़ प्यारी नहीं है। छोटी-छोटी चीज़ें आश्रय और जीवित रहने की पूरी कहानी अपने भीतर लिए हैं, और यही तो यह शौक़ सबसे अच्छा करता है।
एरी सुतरियाद्जी 72 वर्ष के हैं, फिर भी पीवीसी पाइप के टुकड़ों, लकड़ी, रेती और सैंडपेपर के साथ काम करते हुए उनके हाथ अब भी फुर्तीले हैं। दक्षिण जकार्ता के तेबेट इलाके में माता-पिता से मिले घर के बरामदे में, जिसे सब एरिक कहते हैं, वह अपना ज़्यादातर समय रचनात्मक काम में बिताते हैं। यहाँ कोई बड़ी उत्पादन मशीन नहीं है। पीवीसी पाइप, लकड़ी, तार और फाइबरग्लास से धीरे-धीरे मोटरसाइकिल की प्रतिकृतियाँ बनती हैं, जिनके सबसे छोटे हिस्से भी बारीकी से बने होते हैं।
वह सबसे ज़्यादा हार्ले-डेविडसन बनाते हैं, और इसकी वजह बेहद निजी है। एरिक के पिता सैनिक थे और एक समय उन्हें एस्कॉर्ट ड्यूटी के लिए 1942 की हार्ले-डेविडसन WLA मिली थी। वह मोटरसाइकिल कब की गायब हो चुकी है, पर उसकी आकृति एरिक की याद से कभी नहीं गई। वह उसे छोटे रूप में फिर से ज़िंदा करना चाहते थे।
उन्होंने 1990 के दशक में शुरुआत की, जब वह अब भी एक छोटी किराना दुकान चलाते थे। दुकान में ग्राहक कम होते तो वह सामान लेकर सामग्री को काटते, आकार देते, रेती से घिसते और लघु हिस्से जोड़ते थे। आसपास के लोग चकित रहते थे, क्योंकि वह लगातार अलग-अलग प्रोजेक्ट बदलते रहते थे। रोज़ की बिक्री में से वह सामग्री और औज़ार खरीदने के लिए 10,000 रुपिया अलग रख लेते थे।
मेरे विचार में यह कहानी दिखाती है कि लघु मॉडल का शौक हमेशा महँगी सामग्री की माँग नहीं करता। पुरानी चीज़ों और लगन के साथ बचपन की यादें फिर से हाथों में थामी जा सकती हैं।
हैम्बर्ग के मिनिएचर वंडरलैंड ने उडो लिंडेनबर्ग के साथ मिलकर 'पैनिक-एक्सप्रेस' (Panik-Express) बनाई है, जो 1:87 (H0) पैमाने पर बनी मॉडल रेलगाड़ी है और उनके जीवन को समय-यात्रा की तरह दिखाती है। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह वंडरलैंड की अब तक की सबसे विस्तृत ट्रेन है। लिंडेनबर्ग ने 24 मार्च 2026 को इसका उद्घाटन खुद किया। तब से यह लेआउट के हैम्बर्ग वाले हिस्से में चलती है, और डाम्टोर स्टेशन पर «Sonderzug nach Pankow» का एक अंश सुनाई देता है।
ट्रेन में एक इंजन और आठ डिब्बे हैं, और हर डिब्बा जीवन के एक चरण को दिखाने वाला छोटा मंच है। इंजन पर उनकी कलाकृति «Menschenfamilie 1» है, और उनका चश्मा व टोपी पैमाने के अनुसार 3D प्रिंट किए गए हैं। 1950 के दशक का डिब्बा ग्रोनाउ को श्वेत-श्याम में दिखाता है, और केवल उनका पहला ड्रम सेट रंगीन है। इसके बाद लीबिया का अमेरिकी बेस व्हीलस आता है, और उसके कुछ ही बाद हैम्बर्ग-एप्पेंडोर्फ का पब «Onkel Pö's Carnegie Hall», और 1983 में पैलास्ट डेर रेपुब्लिक का कॉन्सर्ट।
1990 के दशक का डिब्बा आधा राइशबान और आधा बुंडेसबान है, जिसके सामने एक गिरी हुई दीवार के आगे मंच है। 2000 के दशक का विषय «Phönix aus der Flasche» है, और 2010 के दशक को ज़ेपेलिन के आकार में बनाया गया है, जिसमें Clueso के साथ MTV Unplugged कॉन्सर्ट दिखाया गया है। अंत में Apache 207 के साथ हिट «Komet» है, जो एक नीली धूमकेतु पूंछ पर है। एक केबिन में गिटार लिए एरिष होनेकर भी दिखते हैं।
मुझे यह पसंद है कि समकालीन इतिहास को लघु रूप में सुनाया गया है। डिब्बे की कुछ सेंटीमीटर लंबाई में ऐसे संकेत छिपे हैं जो ध्यान से देखने पर ही मिलते हैं। फ़्रेडरिक ब्राउन इसे शायद इस संग्रहालय की सबसे विस्तृत ट्रेन कहते हैं, और उडो लिंडेनबर्ग इसे बड़े सम्मान की बात बताते हैं।
Colossal ने जून 2026 में Kate Mothes के एक लेख में कलाकार डेरिक लिन के लघु डायोरामा पेश किए। लिन हाथ से रंगी आकृतियों के साथ पुरानी यादों जैसे माहौल में दृश्य तैयार करते हैं और उनकी तस्वीरें लेते हैं: एक व्यक्ति महासागरीय जहाज़ पर चढ़ता हुआ, एक महिला ट्राम का इंतज़ार करती हुई, ऐतिहासिक सीढ़ियों पर फ़ेडोरा टोपी पहने एक आदमी, हवाई अड्डे पर फ़ोन पर बात करता एक व्यक्ति, और कुत्ते के साथ पैदल चलता एक आदमी।
जो बात मुझे सबसे दिलचस्प लगी, वह है पैमाने के साथ उनका खेल। दृश्यों में विशाल पेंसिल या बहुत बड़ा कॉफ़ी मग जैसी चीज़ें दिखती हैं, जो देखने वाले के आकार के एहसास को उलट देती हैं। सेट गत्ते और मिली हुई चीज़ों से बने हैं: दूध के डिब्बों जैसी दिखती छतें, इमारतों और सीढ़ियों की तरह खड़ी की गई किताबें, फूलों से ढकी एक नदी। लिन 2013 से इसी तरह काम कर रहे हैं, अपनी मेज़ पर सेट बनाते हैं और उन्हें सिनेमाई ढंग से रोशन करते हैं।
उनकी आकृतियाँ अक्सर कैमरे की ओर पीठ करके खड़ी होती हैं, जिससे देखने वाला उनकी भीतर की दुनिया में खिंच जाता है। लेख में जिन विषयों का ज़िक्र है वे हैं शहरी तनाव और अकेलापन, यात्रा का विस्मय, समय का बीतना और शोक। लिन कहते हैं कि उनका मानना है कि हम जिन विचारों और भावनाओं को अपने तक रखते हैं, वही हमें सचमुच आकार देते हैं, और उनकी आकृतियाँ उन्हीं शांत विचारों की अभिव्यक्ति हैं।
लेख में मॉडलों का पैमाना नहीं बताया गया है, लेकिन असर उस पर निर्भर नहीं करता। यह एक अच्छा उदाहरण है कि लघु कृतियाँ सिर्फ़ विवरण नहीं, भावना भी ले जा सकती हैं, और रोज़मर्रा की चीज़ें पूरा शहर बन सकती हैं। लिन अपना और काम Instagram पर marsder नाम से साझा करते हैं।
जर्मन फ़ोटोग्राफ़र Frank Kunert 1990 के दशक से वास्तुकला के लघु दृश्य बनाते और फ़ोटो खींचते आ रहे हैं। designboom ने हाल ही में उनके काम पर एक सुंदर प्रोफ़ाइल प्रकाशित की है, और इसने मुझे याद दिलाया कि डॉलहाउस के पैमाने का एक दृश्य भी पूरी कहानी समेट सकता है।
उनके दृश्य लगभग 1:12 से 1:43 पैमाने के होते हैं और हाथ से बनाए जाते हैं, ज़्यादातर हल्के फ़ोम बोर्ड से। हर दृश्य को फ़र्श, खिड़कियाँ, फ़र्नीचर, रंगी हुई सतहें और शिंगल की छतें मिलती हैं, उसके बाद Kunert रोशनी ठीक करके उसकी फ़ोटो लेते हैं। चाल यह है कि साधारण इमारतों में ठीक एक डिज़ाइन फ़ैसला थोड़ा गलत होता है: एक दौड़ का ट्रैक स्टेडियम के चारों ओर घूमता है जबकि एक लेन भूमिगत सीढ़ी में उतर जाती है, एक संकरा अपार्टमेंट हाईवे के ओवरपास के नीचे फँसा होता है, या एक होटल जहाँ मेहमान बाहरी दीवार पर लगी सीढ़ियों से अपने कमरों तक पहुँचते हैं।
Kunert ने फ़ोटोग्राफ़ी सीखी और स्टूडियो मिनिएचर पर आने से पहले लैंडस्केप से शुरुआत की। उनके शुरुआती दृश्यों में मिट्टी की आकृतियाँ थीं, जिन्हें वे हटाते गए जैसे-जैसे वास्तुकला अधिक यथार्थवादी होती गई, और उनकी जगह, उदाहरण के लिए, एक छोड़ा हुआ गिलास छोड़ दिया ताकि लगे कोई अभी-अभी वहाँ था। वे इन दृश्यों को मंच-सेट की तरह देखते हैं जहाँ दर्शक अपने विचार प्रक्षेपित कर सकते हैं, और पैमाना उन्हें वे नियम मोड़ने देता है जिनका असली आकार की इमारत को पालन करना होता।
उनकी प्रक्रिया धीमी है। विचार स्केचबुक में महीनों या सालों तक पड़े रह सकते हैं, और कभी-कभी अंतिम संयोजन तय होने से पहले ही वे निर्माण शुरू कर देते हैं। वे पुरानी दिखने वाली सतहों पर विशेष ध्यान देते हैं, क्योंकि उनसे दृश्य अजीबपन दिखने से पहले ही विश्वसनीय लगने लगता है। हास्य के नीचे अक्सर इंसानी उम्मीदों, असफलताओं और जुगाड़ू समाधानों पर एक गहरा स्वर होता है। उल्लेखित शीर्षकों में «Underpass», «Balconia» और «A Room with a View» शामिल हैं। उनकी वेबसाइट frank-kunert.de है।
अगर आपको डॉलहाउस और छोटे पैमाने की दुनिया पसंद है, तो तारीख नोट कर लें: रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक, सेन-एट-मार्न विभाग के कॉम्ब-ला-विले में, आंद्रे मालरो सभागार में Salon de la miniature et du modèle réduit आयोजित होगा।
यह प्रदर्शनी 2015 से हर साल Club de la maison miniature आयोजित करता है, जो पूरी तरह स्वयंसेवकों द्वारा चलाया जाता है। कार्यक्रम की सूचना के अनुसार फ़्रांस के हर हिस्से से लगभग पचास प्रदर्शक आ रहे हैं, साथ ही बेल्जियम, स्पेन, नीदरलैंड और इटली से भी। वे अपनी रचनाएँ दिखाते और बेचते हैं: डॉलहाउस, डिस्प्ले केस, छोटी दुकानें, मॉडल ट्रेनें और नावें, तथा कपड़े, मिट्टी के बर्तन और लकड़ी की कृतियाँ।
पैमाने 1/12 से 1/144 तक हैं, जो विविधता का अंदाज़ा देता है: डॉलहाउस के फ़र्नीचर से लेकर सबसे छोटे डायोरामा तक सब कुछ देखा जा सकता है। आयोजकों को लगभग 400 आगंतुकों की उम्मीद है। सूचना में प्रदर्शनी और बिक्री के अलावा किसी और गतिविधि का विवरण नहीं है और टिकट की कीमत भी नहीं बताई गई है, इसलिए जाने से पहले आयोजक से पूछ लेना बेहतर है।
ऐसे आयोजनों में मुझे यह अच्छा लगता है कि ये विवरण के प्रति साझा लगाव के चलते कई देशों के उत्साही लोगों को एक जगह ले आते हैं। मिनिएचर की दुनिया में नए लोगों के लिए भी यह पैमानों को अपनी आँखों से देखने और इन छोटी कृतियों को बनाने वालों से सीधे बात करने का अच्छा मौका है।
मुझे Cà Mau प्रांत के Nguyễn Việt Khái कम्यून में रहने वाले Trần Vũ Trường (31) और Võ Thị Nha (28) की कहानी बहुत पसंद है। यह दंपति पुरानी तस्वीरों या ग्राहकों की यादों के आधार पर मेकांग डेल्टा शैली के छोटे घर बनाता है।
2022 में, Đồng Nai में मज़दूर के रूप में काम करते हुए, Trường ने सोशल मीडिया पर छोटे घर देखे और अपने किराए के कमरे में गत्ते, टूथपिक और गोंद से एक घर खुद बनाने की कोशिश की। वे पहले एक पैकेजिंग कंपनी में प्रिंट के रंगों की ज़िम्मेदारी संभालते थे, इसलिए रंग मिलाने में काफ़ी माहिर थे। लगभग छह महीने स्व-अध्ययन के बाद उन्होंने ऑर्डर लेना शुरू किया। 2025 के बीच में दोनों ने नौकरी छोड़ दी, अपने गाँव लौट आए और माता-पिता व बच्चों के पास रहने के लिए घर के बगल में एक छोटी सी वर्कशॉप लगा ली।
मॉडल पूरी तरह हाथ से बनते हैं, लकड़ी की छड़ियों, बाँस की खाने वाली तीलियों, गत्ते, Formex शीट और यहाँ तक कि बीयर के कैन से। लोकप्रिय आकार 40 x 50 सेमी, 60 x 60 सेमी और 80 x 80 सेमी हैं, और कीमतें कुछ सौ हज़ार डोंग से लेकर 40 मिलियन डोंग से अधिक तक हैं। एक सादा घर बनाने में एक से दो हफ़्ते लगते हैं, जबकि जटिल निर्माण में कई महीने लग सकते हैं।
एक ऑर्डर ने मुझे गहराई से छुआ: Đồng Tháp की एक ग्राहक अपने दादा को उस फूस वाले घर का मॉडल देना चाहती थीं जिसमें उनके परदादा रहते थे, पर उनके पास सिर्फ़ एक धुंधली तस्वीर थी। Trường और ग्राहक ने दो महीने बात करके हर खंभे और छत की हर पत्ती को सही किया। वर्कशॉप अब हर महीने लगभग 30 से 40 मिलियन डोंग कमाती है। मेरे लिए ये छोटे घर उस याद का एक हिस्सा संभाले रखते हैं जो असल ज़िंदगी में अब नहीं रही।
16 अगस्त 2001 को Miniatur Wunderland हैम्बर्ग के एक पुराने गोदाम में खुला। तब 544 वर्ग मीटर में से केवल 300 वर्ग मीटर तैयार थे। अब यह प्रदर्शनी अपना 25वाँ जन्मदिन मना रही है, और प्रेस विज्ञप्ति के आँकड़ों ने मुझे काफ़ी प्रभावित किया।
आज Wunderland 1,694 वर्ग मीटर में फैला है, पटरियों की लंबाई 16,491 मीटर है, और 12,000 से अधिक डिब्बों वाली 1,231 ट्रेनें चलती हैं। शुरुआत में संस्थापक फ़्रेडरिक और गेरिट ब्राउन अंतिम विस्तार के रूप में 5,000 मीटर पटरी पर 500 ट्रेनों की बात करते थे, और सालाना 1,00,000 दर्शकों की उम्मीद रखते थे। मार्च 2025 में 25 मिलियनवें आगंतुक का स्वागत हुआ, और 2026 के लिए लगभग 16 लाख मेहमानों की उम्मीद है। जर्मन नेशनल टूरिस्ट बोर्ड ने इस आकर्षण को छठी बार जर्मनी आने वाले विदेशी पर्यटकों की सबसे पसंदीदा जगह चुना है।
इसका इतिहास एक छोटी यात्रा-मार्गदर्शिका की तरह पढ़ा जाता है: हैम्बर्ग, अमेरिका, स्कैंडिनेविया, स्विट्ज़रलैंड, 52 तरह के विमानों वाला Knuffingen हवाई अड्डा, छोटा-सा Elbphilharmonie, इटली, रियो डी जनेरो, पैटागोनिया और मोनाको। भविष्य के लिए Sebastian Drechsler एक नई फ़िल्म, दक्षिण अमेरिका वाले हिस्से के आख़िरी भाग और एशिया खंड की तैयारी का ज़िक्र करते हैं।
मेरे लिए सबसे सुंदर है 600 मेहमानों वाली वर्षगाँठ की रात: 100 स्थान उन लोगों को मिले जो प्रवेश शुल्क नहीं दे सकते थे, और लगभग 500 आवेदन आए। आख़िरी 80 टिकट नीलाम हुए, और उससे 3,000 यूरो Kleine Wunder e.V. संस्था को मिले। इतने सारे मॉडल के पीछे साफ़ तौर पर बहुत सारा दिल भी है।