Yapay zeka kodlama ajanları üzerine bugüne kadar okuduğum en ilginç verilerden biri bu oldu: daha fazla kod, otomatik olarak daha fazla yazılım demek değil.
Harvard'dan Fiona Chen ve James Stratton'ın çalışması, 2021'den Mart 2026'ya kadar 700'den fazla yazılım şirketinde 700 binin üzerinde çalışana ait verileri ve 300 milyon iş olayını incelemiş. Kodlama ajanları devreye girdikten sonra toplam kod satırı ortalama yüzde 30, commit sayısı yüzde 20, pull request sayısı yüzde 23 artmış.
Ama asıl soru şu: iş bitiyor mu? Jira gibi araçlarda takip edilen hata, görev ve özelliklerin tamamlanma oranında istatistiksel olarak anlamlı bir değişiklik görülmemiş.
Darboğaz kod incelemede. Bir pull request'in gönderilmesinden ana kod tabanına alınmasına kadar geçen süre yüzde 49 uzamış. Değişiklik istenen pull request oranı neredeyse iki katına çıkmış, pull request başına yorum sayısı yüzde 35 artmış, kod inceleyen çalışanların oranı da yüzde 14 yükselmiş. Yani yazma tarafında kazanılan hızın önemli bir kısmı inceleme ve düzeltmede geri harcanıyor.
Şirketler bunu da yapay zekayla çözmeye çalışıyor: Mart 2026 itibarıyla incelenen şirketlerin yüzde 80'i bir tür yapay zeka kod inceleme aracı kullanıyormuş. Yine de inceleme yorumlarının sadece yüzde 23,3'ü ajanlardan geliyor ve ajanlar pull request'lerin yalnızca yüzde 10,8'ine katkı veriyor; işin büyük kısmı hâlâ insanlarda. Aktif çalışan sayısında da, en azından incelenen dönemde, anlamlı bir değişiklik bulunmamış.
Verilerin Mart 2026'da bittiğini, araçların o tarihten beri geliştiğini de not etmek lazım. Ama benim çıkardığım ders net: verimlilik için sadece kod yazma süresini değil, inceleme, hata düzeltme ve entegrasyonu da hızlandırmak gerekiyor.
Ars Technica'daki haber:
https://arstechnica.com/ai/2026/10/ai-coding-agents-generate-more-cod…
Çalışmanın PDF'i:
https://fion.ac/jellyfish.pdf
Kaynak: DonanımHaber
एक ऐसे व्यक्ति के रूप में जो हर दिन कोड के साथ काम करता है, 2025 मेरे लिए बहुत बड़ा बदलाव लेकर आया। एआई प्रोग्रामिंग उपकरण अब केवल अगले पंक्ति के कोड को पूरा करने में मदद नहीं कर रहे हैं, बल्कि वे वास्तव में कार्यों को संभालने लगे हैं। याद करें, पहले छह महीनों में, सभी लोग "कर्सर" और "कोपायलट" के साथ कोड पूरा करने के अनुभव के बारे में बात कर रहे थे, लेकिन अगले छह महीनों में, "स्पेसिफिकेशन-आधारित विकास" अचानक लोकप्रिय हो गया, और रिपॉजिटरी में एजेंटों के लिए लिखे गए मार्कडाउन फ़ाइलों का ढेर लग गया।
मेरा सबसे बड़ा अनुभव यह है कि प्रोग्रामिंग अब "मानव-संचालित" से "एजेंट-संचालित" की ओर बढ़ रही है। पहले, एआई केवल अगले अक्षर की भविष्यवाणी करता था, लेकिन अब यह आवश्यकताओं के विश्लेषण से लेकर कोड जनरेशन और परिणाम सत्यापन तक सब कुछ कर सकता है। दिलचस्प बात यह है कि लगभग सभी प्रमुख उपकरण एक साथ IDE, CLI और क्लाउड के तीनों रूपों को बढ़ावा दे रहे हैं, और अंततः वे सभी एजेंटों की दिशा में विकसित हो रहे हैं।
लेकिन इसके साथ ही कुछ समस्याएं भी सामने आई हैं। सबसे बड़ी चिंता टोकन की लागत है: कार्यों की लंबाई बढ़ रही है, उपकरणों का उपयोग बढ़ रहा है, और संदर्भ को बार-बार दोहराया जा रहा है, जिससे बिल बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं। इस साल, लोग अक्सर "प्रॉम्प्ट कैसे लिखें" की बजाय "संदर्भ इंजीनियरिंग" के बारे में बात कर रहे हैं - यानी, प्रभाव, दक्षता और लागत के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए, और कैश हिट दर को कैसे बढ़ाया जाए।
मेरे लिए, 2025 का वास्तविक निर्णायक बिंदु यह नहीं है कि किसका मॉडल अधिक शक्तिशाली है, बल्कि यह है कि कौन उन अंतर्निहित बाधाओं और यादों को, जो पहले इंजीनियरिंग में छिपी हुई थीं, मॉडल के लिए समझने योग्य और पुन: उपयोग करने योग्य संदर्भ संरचनाओं में बदल सकता है। प्रोग्रामर का मूल्य "कोड लिखने" से धीरे-धीरे "नियमों को परिभाषित करने" की ओर बढ़ रहा है। यह वर्ष वास्तव में बहुत ही असाधारण रहा है।
स्रोत: InfoQ
IT之家 की रिपोर्ट के अनुसार JetBrains ने 8 अक्टूबर को एक ब्लॉग पोस्ट में प्रोग्रामिंग AI मॉडल Mellum2.1 की घोषणा की, जिसका मुख्य फोकस एजेंटिक कोडिंग क्षमता को मज़बूत करना है। एक डेवलपर के रूप में मैं ऐसे ओपन मॉडल पर नज़र रखता हूँ जिन्हें लोकल तौर पर चलाया जा सकता है, इसलिए मैं यहाँ मुख्य बातें संक्षेप में रख रहा हूँ।
मॉडल में Mellum2 वाला आर्किटेक्चर बरकरार है: यह 12B पैरामीटर वाला मिक्सचर-ऑफ़-एक्सपर्ट्स (MoE) मॉडल है, जिसके 2.5B पैरामीटर सक्रिय रहते हैं, और यह अब भी Apache 2.0 लाइसेंस के तहत जारी है। ट्रेनिंग में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि प्री-ट्रेनिंग के बाद का रीइन्फ़ोर्समेंट लर्निंग चरण, जो पहले एक छोटा अंतिम चरण था, अब ट्रेनिंग का मुख्य हिस्सा बन गया है। गणित, एल्गोरिदम प्रतियोगिताओं, विज्ञान, टूल उपयोग और सॉफ़्टवेयर इंजीनियरिंग का डेटा जोड़ा गया है और आंतरिक RL वातावरण बनाए गए हैं, जिनमें ट्रेनिंग के दौरान हज़ारों वातावरणों में लाखों सैंडबॉक्स चलाए गए। ट्रेनिंग से पहले ऐसे कार्य छाँट दिए जाते हैं जिनके टेस्ट दोषपूर्ण हों, जिनके उत्तर सत्यापित न हो सकें, या जिनकी कठिनाई उपयुक्त न हो।
आधिकारिक विवरण के अनुसार यह कोडबेस को खंगाल सकता है, फ़ाइलें संपादित कर सकता है और अपने बदलावों की जाँच कर सकता है। सबसे बड़ा सुधार एजेंटिक कोडिंग में है: यह विफल होने वाले टेस्ट का मूल कारण पहचान सकता है, सुधार का मसौदा बना सकता है और परिणाम सत्यापित कर सकता है। गति के मामले में आर्किटेक्चर नहीं बदला, लेकिन मल्टी-टोकन प्रेडिक्शन (MTP) से एकल अनुरोध के लिए जनरेशन लगभग 1.6 गुना तेज़ हो जाता है। समान मूल्यांकन सेटिंग में Mellum2, Qwen3.5-9B और Gemma 4 E4B से तुलना करने पर, अधिक लोड में एक H200 पर Mellum2.1 का आउटपुट थ्रूपुट Qwen3.5-9B के लगभग दोगुने के करीब है।
मॉडल Hugging Face पर उपलब्ध है और इसे लोकल या अपने इन्फ़्रास्ट्रक्चर पर डिप्लॉय किया जा सकता है, इसलिए कंपनियाँ अपना कोड और डेटा अपने ही वातावरण में रख सकती हैं। JetBrains की योजना llama.cpp, Ollama और LM Studio के लिए GGUF संस्करण और vLLM के लिए MTP स्पेकुलेटिव डिकोडिंग कंपोनेंट जारी करने की है।
मैं GGUF संस्करण का इंतज़ार कर रहा हूँ, क्योंकि तब आम डेवलपर भी इसे अपनी मशीन पर आज़मा सकेंगे। कोडिंग मॉडल में आपके लिए क्या ज़्यादा मायने रखता है: सटीकता या डिप्लॉयमेंट की लागत?
स्रोत: IT之家
ITmedia NEWS के एक लेख से मुझे पता चला कि Google ने "Playground" नाम का एक प्रायोगिक गेम प्लेटफ़ॉर्म घोषित किया है। यह घोषणा अमेरिकी समय के अनुसार 7 अक्टूबर 2026 को हुई, और उसी दिन से यह अमेरिका में 18 वर्ष से अधिक आयु के उपयोगकर्ताओं के लिए वेब ब्राउज़र में उपलब्ध है।
इसका उपयोग केवल टेक्स्ट में निर्देश लिखकर होता है। आप खाली पन्ने से शुरू कर सकते हैं, तैयार स्टार्टर प्रॉम्प्ट को संपादित कर सकते हैं, या निर्देशित सहायता ले सकते हैं, और बना हुआ गेम वहीं तुरंत टेस्ट किया जा सकता है। भौतिकी, नियम, किरदार और माहौल में बदलाव शब्दों में बताने पर लागू हो जाते हैं। लेख के अनुसार कोडिंग का अनुभव ज़रूरी नहीं है, पर यह नहीं बताया गया कि किस AI मॉडल का उपयोग हो रहा है।
साझा करना भी संभव है। चूँकि यह वेब-आधारित है, इसे स्मार्टफ़ोन और पीसी दोनों पर खेला जा सकता है। आप दोस्तों और परिवार को शेयर लिंक भेज सकते हैं, गेम को "Explore" गैलरी में प्रकाशित कर सकते हैं, या निजी रख सकते हैं। कुछ शैलियाँ लीडरबोर्ड और मल्टीप्लेयर का समर्थन करती हैं, और प्रकाशित गेम Google के community guidelines के आधार पर सुरक्षा समीक्षा से गुज़रते हैं। गेम बनाने की सुविधा Google One की सदस्यता के अनुसार चरणों में दी जाएगी।
दूसरी घोषणा Unity के साथ साझेदारी की है। दोनों कंपनियाँ 2026 में "Unity Spark" नाम का नया उत्पाद लाने की योजना बना रही हैं, जो Playground में पूर्ण गेम मैकेनिक्स, उच्च-गुणवत्ता वाला 3D और Unity runtime की लचीलापन जोड़ेगा। यह सीधे Unity Asset Store से भी जुड़ेगा। यह अभी परीक्षण में है और जल्द ही closed beta शुरू होने वाला है। Unity के CEO ने बताया कि हर महीने लगभग 3 अरब लोग Unity से बने गेम खेलते हैं, लेकिन उनमें से कई ने खुद कभी गेम नहीं बनाया।
मुझे निजी तौर पर लगता है कि प्रॉम्प्ट से बने गेम साझा करना और खेलना प्रोग्रामिंग की ओर एक दिलचस्प प्रवेश-द्वार हो सकता है। आप ऐसे टूल्स को कैसे देखते हैं, यह जानना चाहूँगा।
स्रोत: ITmedia NEWS
Next ने Pi के बारे में एक लेख लिखा है, जो एक ओपन-सोर्स हार्नेस है और हाल ही में संस्करण 1.0.0 तक पहुँचा है। जो लोग इस शब्द से परिचित नहीं हैं, उनके लिए: हार्नेस AI मॉडल के चारों ओर की वह सॉफ़्टवेयर परत है जो मॉडल को फ़ाइलें पढ़ने, कमांड चलाने या इंटरनेट पर खोज करने देती है।
Pi न्यूनतम होने के साथ-साथ विस्तार योग्य होने का लक्ष्य रखता है। यह 1,500 से अधिक मॉडल और वेरिएंट के साथ संगत है, जिनमें व्यावसायिक मॉडल भी हैं और ओपन-वेट मॉडल भी जिन्हें लोकल तौर पर चलाया जा सकता है। यह खुद को Claude Code और Codex के विकल्प के रूप में पेश करता है, जो Anthropic या OpenAI के मॉडल पर निर्भर नहीं है। डेवलपर 1.0 तक पहुँचने को परिपक्वता का संकेत मान रहे हैं।
लेख में हाल की नई सुविधाओं का भी ज़िक्र है: MCP कनेक्टर, "codemode" नाम का एक मोड और ChatGPT का समर्थन। Pi Durable को ऐसा बताया गया है जो आंतरिक और बाहरी विनाशकारी विफलताओं को झेल सके।
साफ़ कर दूँ कि लेख का लगभग 80% हिस्सा सब्सक्राइबर्स के लिए आरक्षित है, इसलिए मैं वही लिख रहा हूँ जो सार्वजनिक रूप से पढ़ा जा सकता है। टिप्पणियों में कई पाठक Pi की तुलना OpenCode से कर रहे हैं: एक इसे बहुत हल्का मानता है पर कॉन्फ़िगर करना कठिन बताता है, खासकर MCP के लिए, और दूसरा Oh-My-Pi वेरिएंट की ओर इशारा करता है। लेखक ने इंस्टॉलेशन और उपयोग पर एक और लेख की घोषणा भी की है।
मुझे जो बात दिलचस्प लगती है वह है हार्नेस को मॉडल से अलग रखने का विचार: आप उपकरण बदले बिना मॉडल बदल सकते हैं। यह देखना बाकी है कि उपयोग जटिल होने पर Pi की सादगी टिक पाती है या नहीं। और आप AI के साथ कोडिंग करते समय रोज़ाना किस हार्नेस का इस्तेमाल करते हैं?
स्रोत: Next
Xataka एक ऐसी कहानी बताता है जिसमें प्रोग्रामिंग, AI और काफ़ी विवाद एक साथ मिले हुए हैं। कुछ दिन पहले तक ArtCraft AI से छवियाँ और वीडियो बनाने वाला एक प्लेटफ़ॉर्म था। टीम के सदस्य Brandon Thomas ने घोषणा की कि उन्होंने वाइब कोडिंग से Adobe के सात एप्लिकेशन के ओपन-सोर्स विकल्प बनाए हैं, जो Rust में लिखे गए हैं: PhotoCraft (Photoshop), VectorCraft (Illustrator), FilmCraft (Premiere Pro), LightCraft (Lightroom), PdfCraft (Acrobat), EffectCraft (After Effects) और DesignCraft (InDesign)।
ये Windows, macOS और Linux के लिए वितरित किए जाते हैं और ArtCraft से भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं। लेख याद दिलाता है कि Adobe ने कभी Linux के लिए पेशेवर रचनात्मक उपकरण नहीं दिए, इसलिए यह कमी छोटी नहीं है।
लेखक के एक सहकर्मी ने कुछ दिन PhotoCraft आज़माया: बुनियादी फ़ंक्शन काम करते हैं, Photoshop के AI उपकरणों का कोई निशान नहीं है, और एप्लिकेशन बहुत कम जगह लेता है। फिर भी फ़िलहाल यह मूल की जगह नहीं ले सकता। निर्माता खुद मानते हैं कि यह बहुत शुरुआती अल्फ़ा चरण में है: लगभग बीस AI और जेनरेटिव उपकरण नहीं हैं, टाइपोग्राफ़ी और पेशेवर वर्कफ़्लो में गहराई नहीं है, और प्लग-इन के साथ संगतता भी नहीं है।
निर्माताओं के अनुसार तरीका clean-room है: वे सार्वजनिक विनिर्देशों और प्रोग्रामों के देखे जा सकने वाले व्यवहार पर निर्भर हैं, बिना किसी मालिकाना कोड या संसाधन के। PhotoCraft PSD फ़ाइलें इसलिए खोल सकता है क्योंकि Adobe ने वे विनिर्देश प्रकाशित किए हैं। इंटरनेट पर बिना सबूत के यह शक फैला है कि Adobe के प्रोग्राम डीकंपाइल किए गए थे।
Xataka वाइब कोडिंग की समस्याओं की भी याद दिलाता है: AI से बने कोड को डीबग करना मुश्किल हो सकता है और उसमें ऐसी चीज़ें हो सकती हैं जो कोई मानव प्रोग्रामर कभी नहीं लिखता। बड़े प्रोजेक्ट की तुलना में निजी एप्लिकेशन में यह कम गंभीर है। मुझे यह एक सही चेतावनी लगती है। मुफ़्त विकल्पों के रूप में लेखक Affinity, GIMP और DaVinci Resolve का ज़िक्र करता है। क्या आप इस तरह बने एप्लिकेशन पर भरोसा करेंगे?
स्रोत: Xataka
मैंने Computer Sweden में Simon Bisson का विश्लेषण पढ़ा: Microsoft ने Rust को आंतरिक Tier-1 दर्जे तक बढ़ा दिया है, जो C#, TypeScript और C के समान स्तर है। इस दर्जे के लिए अन्य बातों के साथ पूरा toolchain और Windows व Azure के साथ एकीकरण ज़रूरी है।
पृष्ठभूमि यह है कि Azure के CTO Mark Russinovich ने Rust की मेमोरी सुरक्षा को Microsoft की सुरक्षा रणनीति का एक अहम हिस्सा बताया है, और Microsoft Rust Foundation के संस्थापकों में से भी एक है। Rust Foundation की वेबसाइट पर एक अतिथि लेख बताता है कि Rust को Microsoft Visual C (MSVC) से कैसे जोड़ा गया है ताकि भाषाओं के बीच निर्बाध interoperability मिल सके।
सबसे ठोस बात Rust compiler के लिए एक नया backend है, rustc_codegen_utc। यह Visual C के backend का उपयोग करता है, यानी C2.DLL नाम की DLL, और .OBJ फ़ाइलें MSVC linker को देता है। इसका फ़ायदा यह है कि Rust, Microsoft के मौजूदा सुरक्षा और स्थिरता के काम का लाभ उठा सकता है और Rust व C का कोड आपस में संगत हो जाता है। Microsoft इसे production के लिए तैयार बताता है और कहता है कि सौ से अधिक आंतरिक Rust परियोजनाएं इसे इस्तेमाल करती हैं। फिर भी यह केवल आंतरिक है, और कंपनी ने संकेत दिया है कि ये tools open source हो सकते हैं, पर कोई समय-सीमा नहीं बताई।
Microsoft के बाहर के लोगों के लिए स्थिति अधिक व्यावहारिक है: VS Code में Rust समर्थन rust-analyzer के ज़रिए मिलता है, build के लिए अब भी MSVC C Build Tools चाहिए, और Microsoft का windows crate Windows APIs तक सीधी पहुंच देता है। लेख की सलाह है कि Rust में Windows development सीखने के लिए पहले से मौजूद tools से शुरुआत करें।
मुझे निजी तौर पर यह दिलचस्प लगता है कि इतनी बड़ी कंपनी इसलिए निवेश कर रही है ताकि उसे दो अलग compiler teams का रखरखाव न करना पड़े। आप Rust का इस्तेमाल किस काम के लिए करते हैं?
स्रोत: Computer Sweden
Computable पर मैंने Linux Foundation की रिपोर्ट «2026 State of Open Source in Europe» का सारांश पढ़ा। यह पाँचवाँ संस्करण है, जिसे प्राग में Open Source Summit Europe में प्रस्तुत किया गया। मुख्य संदेश स्पष्ट है: सिर्फ ओपन सोर्स का इस्तेमाल करने से नियंत्रण नहीं मिलता। योगदान भी देना होगा और दिशा तय करने में भी हिस्सा लेना होगा।
आँकड़े दिखाते हैं कि दिक्कत कहाँ है। यूरोप के 94% संगठनों के लिए डिजिटल संप्रभुता उनकी तकनीकी रणनीति में मायने रखती है, और 61% के लिए यह बहुत मायने रखती है। यूरोपीय डेवलपर Kubernetes और OpenStack जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में लगभग 40% योगदान देते हैं, फिर भी कई संगठन सिर्फ इस्तेमाल तक सीमित हैं। 31% के पास ओपन सोर्स प्रबंधन का कोई औपचारिक ढांचा नहीं है। जिनके पास है, वे निवेश पर चार गुने से ज़्यादा लाभ बताते हैं, जबकि बिना ढांचे वालों के लिए यह 3.6 गुना है।
AI कोडिंग टूल्स का भी ज़िक्र है: 94% जनरेटिव AI कोडिंग टूल्स इस्तेमाल या परख रहे हैं, तीन-चौथाई मानते हैं कि इससे ओपन सोर्स की कीमत बढ़ती है, और 48% इसी वजह से ज़्यादा ओपन सोर्स इस्तेमाल करते हैं। लगभग आधे आंतरिक फोर्क संभालते हैं, जिसमें हर रिलीज़ चक्र में औसतन 9.5 फोर्क के लिए 311 घंटे लगते हैं।
मेरी नज़र इस पर गई कि Agentic AI Foundation के शीर्ष पर ज़्यादातर अमेरिकी कंपनियाँ हैं, जैसे AWS, Anthropic, Google, Microsoft और OpenAI। Gold स्तर पर यूरोप से सिर्फ Suse और Ericsson हैं। इसी बीच यूरोपीय आयोग लगभग 2 अरब यूरो के तकनीकी संप्रभुता पैकेज पर काम कर रहा है।
Linux Foundation Europe के Thierry Carrez कहते हैं कि ओपन सोर्स कम निर्भर होने में मदद करता है, पर यह तभी होगा जब खुले शासन ढांचों में सक्रिय भागीदारी हो। एक डेवलपर के रूप में मैं इससे सहमत हूँ: एक pull request कई बार नीति-दस्तावेज़ से ज़्यादा असर डालता है। आपके यहाँ यह कैसा है?
The Register के Richard Speed ArtCraft नाम की एक कंपनी के बारे में लिखते हैं, जिसने अपने Rust एप्लिकेशन संग्रह में Word, Excel और PowerPoint के विकल्प जोड़े हैं। कंपनी इन्हें मालिकाना सॉफ़्टवेयर का clean-room पुनर्कार्यान्वयन कहती है, और इन परियोजनाओं का विकास काफ़ी हद तक Claude पर निर्भर है। कंपनी के GitHub रिपॉज़िटरी में Photoshop, Illustrator और Premiere Pro से प्रेरित परियोजनाएँ भी हैं।
समीक्षक ने Arm प्रोसेसर वाले Surface पर Word के विकल्प WordCraft को चलाया और पाया कि यह अच्छी तरह काम करता है। यह Word जैसा दिखता है, लेकिन इसके बटन, आइकन और चित्र अलग हैं। परियोजना pre-alpha चरण में है; ArtCraft का अनुमान है कि इसकी सुविधाएँ Word से लगभग 62 प्रतिशत मेल खाती हैं, और समीक्षक production में इसके उपयोग की सलाह नहीं देते। रोडमैप मानता है कि असली DOCX फ़ाइलों पर compatibility परीक्षण अभी शुरू नहीं हुआ है, और चार्ट, SmartArt तथा एम्बेडेड OLE ऑब्जेक्ट छोड़ दिए गए हैं।
लाइसेंस के संबंध में WordCraft MIT या Apache 2.0 के दोहरे लाइसेंस के तहत है। वर्तनी शब्दकोश और हाइफ़नेशन में Grady Ward की सार्वजनिक-डोमेन शब्द सूची Moby Hyphenator II इस्तेमाल होती है। ArtCraft का कहना है कि सब कुछ सार्वजनिक विनिर्देशों और अवलोकन के आधार पर बना है, और संसाधन मूल हैं या खुले लाइसेंस वाले हैं। LibreOffice विकसित करने वाली The Document Foundation ने टिप्पणी से इनकार किया, Microsoft ने पूछताछ मिलने की पुष्टि की पर आगे कोई जवाब नहीं दिया, और Adobe ने creative ऐप परियोजनाओं पर टिप्पणी नहीं की।
decoded.legal के Neil Brown ने अख़बार से कहा कि कानूनी स्थिति अधिकार-क्षेत्र पर निर्भर करेगी। डेवलपर्स दावा कर सकते हैं कि उनका स्वतंत्र कार्यान्वयन उल्लंघन नहीं है, लेकिन दांव बड़े होने के कारण यह विवाद अदालत तक पहुँच सकता है।
मेरे लिए दिलचस्प दावा नहीं, बल्कि रफ़्तार है: एक छोटी टीम AI coding टूल का इस्तेमाल करके एक पहचानी जाने वाली office suite सार्वजनिक कर सकती है, अधूरी, पर परखने लायक़ उपयोगी। खुले सवाल गुणवत्ता, रखरखाव और कानूनी पहलू के हैं। मैं जानना चाहूँगा कि AI सहायकों के साथ कोड लिखने वाले दूसरे लोग clean-room दावों के बारे में क्या सोचते हैं।
स्रोत: The Register
एक तकनीकी पोर्टल की साइट पर मैंने पढ़ा कि OpenAI ने GPT-6 मॉडलों के लॉन्च के साथ ChatGPT के लिए "इंटेलिजेंट UI" नाम की नई सुविधा की घोषणा की है। मुख्य बात यह है कि उत्तर अब केवल टेक्स्ट नहीं रहा: बातचीत के भीतर वह टेक्स्ट को इंटरैक्टिव विज़ुअल तत्वों के साथ जोड़ सकता है।
समर्थित तत्वों में चित्र, आरेख, चार्ट, फ़ॉर्म और इंटरैक्टिव बटन शामिल हैं। OpenAI के ब्लॉग का हवाला देने वाले लेख के अनुसार, GPT-6 को यह पहचानने के लिए प्रशिक्षित किया गया है कि कब कोई इंटरैक्टिव तत्व टेक्स्ट से बेहतर है, और उसे उत्तर के भीतर कैसे रखना है।
उदाहरणों में सात गियर वाली साइकिल का चित्र है, जिसमें हिस्से चुनने और हर हिस्से की जानकारी दिखाने वाले बटन हैं। इसके अलावा माहजोंग के टाइलों के चित्र स्क्रॉल होने वाले समूहों में, और छोटे उपकरण जैसे सेवानिवृत्ति बचत कैलकुलेटर या कई लोगों के बीच बिल बाँटने का टूल भी दिए गए हैं। मॉडलों में GPT-6 Sol ऊँचे प्लान के सदस्यों को मिलता है, जबकि Go सदस्यों और मुफ़्त उपयोगकर्ताओं को अधिक कुशल Luna मिलता है। लेख में बेहतर वेब खोज, जानकारी जुटाते समय तेज़ आंशिक उत्तर, और सुरक्षा प्रशिक्षण को बायपास करने की कोशिशों के खिलाफ मज़बूत प्रतिरोध का भी ज़िक्र है।
मुझे लगता है कि यह कदम डेवलपर्स के लिए अहम है, क्योंकि यह चैट को मांग पर बनने वाले छोटे ऐप के करीब लाता है। खुला सवाल यह है कि क्या बटन सच में अच्छी तरह लिखे गए टेक्स्ट से ज़्यादा मदद करेंगे। आपकी राय जानना चाहूँगा।
स्रोत: टेक्नोलॉजी पोर्टल
पाँच साल बाद Bootstrap में फिर से हलचल है: सह-संस्थापक Mark Otto ने Bootstrap 6 के पहले अल्फ़ा की घोषणा की है, जैसा heise developer ने रिपोर्ट किया है। मुझे यह दिलचस्प लगता है, क्योंकि यह फ़्रेमवर्क Twitter के माहौल से निकला था और 2011 से ओपन सोर्स है।
आँकड़े बताते हैं कि Bootstrap कितना बड़ा हो गया है: प्रोजेक्ट के अनुसार 1.75 अरब से अधिक इंस्टॉलेशन। लेकिन साथ ही इसका बाज़ार हिस्सा घट रहा है। W3Techs के अनुसार अगस्त 2026 की शुरुआत में सभी वेबसाइटों में से 13.8 प्रतिशत Bootstrap इस्तेमाल कर रही थीं, जबकि दिसंबर 2025 में यह 15.3 प्रतिशत थीं। नए प्रोजेक्टों में Tailwind CSS ज़मीन हासिल कर रहा है।
टीम आधुनिक ब्राउज़रों को लक्षित कर रही है: Chrome और Edge संस्करण 130 से, Firefox 132 से और Safari 18 से। इसके लिए Bootstrap 6 ऐसी सुविधाएँ इस्तेमाल करता है जैसे अपने आप लाइट/डार्क मोड में बदलना, नेटिव डायलॉग और ऐसे लेआउट जो खिड़की के बजाय आसपास के तत्वों के हिसाब से संरेखित होते हैं। रंग, स्पेसिंग और कोनों की गोलाई ज़्यादातर CSS वेरिएबल से नियंत्रित की जा सकती है, यहाँ तक कि रनटाइम पर भी। क्लास के नाम Tailwind के करीब आए हैं: .d-md-none बन जाता है .md:d-none, और .col-lg-6 बन जाता है .lg:col-6। एकॉर्डियन बिना JavaScript के काम करते हैं।
AI वाला हिस्सा मुझे ख़ास तौर पर उल्लेखनीय लगता है: दस्तावेज़ llms.txt और llms-full.txt के रूप में उपलब्ध हैं, और रिपॉज़िटरी में स्किल फ़ाइलें हैं जो AI एजेंटों की मदद के लिए बनाई गई हैं, जैसे माइग्रेशन में।
लेख के अनुसार मौजूदा पेजों को सीधे बदला नहीं जा सकता। Bootstrap 5 फ़िलहाल समर्थित रहेगा, और समर्थन समाप्त होने से पहले 5.4.0 का अपडेट आएगा। संस्करण 7 कहीं ज़्यादा तेज़ी से आने की उम्मीद है। आप में से कौन अब भी Bootstrap इस्तेमाल करता है, और किसने कुछ और अपना लिया है?
स्रोत: heise online
इस हफ़्ते XYZ की एक ख़बर ने मेरा ध्यान खींचा। व्रोत्सवाफ़ प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (Politechnika Wrocławska) और लोअर सिलेसियन ऑन्कोलॉजी, पल्मोनोलॉजी और हेमेटोलॉजी सेंटर मिलकर स्वास्थ्य सेवा के लिए एक AI प्लेटफ़ॉर्म बना रहे हैं। यह एक और चैटबॉट नहीं है। यह एक फ़ाउंडेशन मॉडल है, जो मेडिकल दस्तावेज़ों, लैब रिपोर्टों, इमेजिंग और इलाज के पूरे सफ़र को आपस में जोड़ता है।
शुरुआत फेफड़ों के कैंसर से हो रही है। DCOPiH हर साल 1,400 से ज़्यादा नए मरीज़ों को देखता है और उसका डेटा अच्छी तरह दर्ज है। सिस्टम कॉन्सिलियम से पहले यह देखेगा कि दस्तावेज़ पूरे हैं या नहीं। वह कमियाँ बताएगा और मरीज़ को जाँचों के बीच “छूटने” नहीं देगा। फ़ैसला अब भी डॉक्टर ही करेगा। AI का काम डॉक्टर को मरीज़ के पास बिताने के लिए समय वापस देना है, उसकी जगह सोचना नहीं।
तकनीकी रूप से मुझे फ़ेडरेटेड लर्निंग दिलचस्प लगती है। डेटा अस्पताल में ही रहता है और साझा मॉडल तक सिर्फ़ ट्रेनिंग के नतीजे पहुँचते हैं। इसकी नींव पोलैंड के मॉडल PLLuM के अनुभव पर रखी जाएगी, लेकिन इसमें असली चिकित्सा भाषा और मल्टीमोडैलिटी होगी।
पहला प्रोटोटाइप आने वाले कुछ महीनों में आएगा। अगर यह लोअर सिलेसिया से बाहर तक पहुँचा, तो यह पोलैंड की अहम AI परियोजनाओं में से एक बन सकता है। ऐसी परियोजनाओं पर मार्केटिंग के शोर के बिना बात होनी चाहिए।
स्रोत: XYZ