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1812 के युद्ध की छापों का संग्रह टवेर स्थानीय इतिहास संग्रहालय को दान
टवेर स्थानीय इतिहास संग्रहालय को 1812 के देशभक्ति युद्ध और नेपोलियन युद्धों पर आधारित 34 छापों का दान प्राप्त हुआ है। टवेर क्षेत्रीय सरकार की प्रेस सेवा ने यह जानकारी दी। मुझे लगता है कि पुरानी मुद्रित कलाकृतियों में रुचि रखने वाले सभी लोगों के लिए यह अच्छी खबर है।
दानकर्ता मिखाइल कारिसालोव हैं, जो उद्योगपति, संग्राहक और संरक्षक हैं। वे लंबे समय से रूस के नेपोलियन के साथ युद्ध पर आधारित उत्कीर्णन और लिथोग्राफ़ इकट्ठा कर रहे हैं, और इस क्षेत्र का 1812 की घटनाओं से ऐतिहासिक संबंध होने के कारण उन्होंने संग्रह संग्रहालय को सौंपने का फ़ैसला किया। सामग्री चुनने में उनकी मदद अलेक्सांद्र अवदेयेव ने की, जो रूस के पूर्व संस्कृति मंत्री और फ़्रांस व वेटिकन में राजदूत रह चुके हैं। रिपोर्ट के अनुसार, उनके पास रूस-फ़्रांस संबंधों पर छापों के सबसे अच्छे निजी संग्रहों में से एक है।
ये पन्ने 19वीं सदी के पूर्वार्ध और मध्य के हैं। इनके रचनाकार फ़्रांसीसी, पोलिश और रूसी उत्कीर्णक हैं; उल्लिखित उस्तादों में फ़्रांस्वा और ज़ूल कूशे, ज़ां रेविल, अडॉल्फ़-ज़ां-बैप्टिस्ट बायो, पियेर झिरारदे, ज़ां-लुई लांगलोआ, आद्रियां लादर्नर और ओगुस्त ओबेर शामिल हैं। विषय नेमान नदी पार करने और बोरोदिनो की लड़ाई से लेकर स्मोलेंस्क, पोलोत्स्क, मालोयारोस्लावेट्स और पुल्तुस्क की लड़ाइयों, बेरेज़िना पार करने, मॉस्को में लगी आग, फ़्रांसीसी सेना की वापसी, टिल्सिट और एरफ़ुर्ट में अलेक्सांद्र प्रथम और नेपोलियन की मुलाक़ातों, और 31 मार्च 1814 को मित्र देशों के सम्राटों के पेरिस में प्रवेश तक फैले हैं। रिपोर्ट में नहीं बताया गया कि हर पन्ने में कौन-सी तकनीक इस्तेमाल हुई।
टवेर प्रांत में कोई बड़ी लड़ाई नहीं हुई, लेकिन इसने जीत में योगदान दिया: यहीं टवेर मिलिशिया बनी, जिसने मॉस्को की रक्षा की। मुझे सबसे दिलचस्प यह लगता है कि ऐसी छापें कभी "चित्रों में समाचार" का काम करती थीं, और अब वे इस क्षेत्र के स्थायी इतिहास का हिस्सा बनेंगी।
स्रोत: МК в Твери
दानकर्ता मिखाइल कारिसालोव हैं, जो उद्योगपति, संग्राहक और संरक्षक हैं। वे लंबे समय से रूस के नेपोलियन के साथ युद्ध पर आधारित उत्कीर्णन और लिथोग्राफ़ इकट्ठा कर रहे हैं, और इस क्षेत्र का 1812 की घटनाओं से ऐतिहासिक संबंध होने के कारण उन्होंने संग्रह संग्रहालय को सौंपने का फ़ैसला किया। सामग्री चुनने में उनकी मदद अलेक्सांद्र अवदेयेव ने की, जो रूस के पूर्व संस्कृति मंत्री और फ़्रांस व वेटिकन में राजदूत रह चुके हैं। रिपोर्ट के अनुसार, उनके पास रूस-फ़्रांस संबंधों पर छापों के सबसे अच्छे निजी संग्रहों में से एक है।
ये पन्ने 19वीं सदी के पूर्वार्ध और मध्य के हैं। इनके रचनाकार फ़्रांसीसी, पोलिश और रूसी उत्कीर्णक हैं; उल्लिखित उस्तादों में फ़्रांस्वा और ज़ूल कूशे, ज़ां रेविल, अडॉल्फ़-ज़ां-बैप्टिस्ट बायो, पियेर झिरारदे, ज़ां-लुई लांगलोआ, आद्रियां लादर्नर और ओगुस्त ओबेर शामिल हैं। विषय नेमान नदी पार करने और बोरोदिनो की लड़ाई से लेकर स्मोलेंस्क, पोलोत्स्क, मालोयारोस्लावेट्स और पुल्तुस्क की लड़ाइयों, बेरेज़िना पार करने, मॉस्को में लगी आग, फ़्रांसीसी सेना की वापसी, टिल्सिट और एरफ़ुर्ट में अलेक्सांद्र प्रथम और नेपोलियन की मुलाक़ातों, और 31 मार्च 1814 को मित्र देशों के सम्राटों के पेरिस में प्रवेश तक फैले हैं। रिपोर्ट में नहीं बताया गया कि हर पन्ने में कौन-सी तकनीक इस्तेमाल हुई।
टवेर प्रांत में कोई बड़ी लड़ाई नहीं हुई, लेकिन इसने जीत में योगदान दिया: यहीं टवेर मिलिशिया बनी, जिसने मॉस्को की रक्षा की। मुझे सबसे दिलचस्प यह लगता है कि ऐसी छापें कभी "चित्रों में समाचार" का काम करती थीं, और अब वे इस क्षेत्र के स्थायी इतिहास का हिस्सा बनेंगी।
स्रोत: МК в Твери
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